Motihari CO Transfer: एक ही जिले में ऐसा तबादला पहले नहीं देखा! सिर्फ 7 KM दूर भेजे गए अधिकारी

Motihari CO Transfer: पूर्वी चंपारण में सीओ तबादले का अनोखा मामला चर्चा में है. पिपराकोठी के सीओ को महज 7 किलोमीटर दूर सदर मोतिहारी में पदस्थापित किया गया है. पहले से अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी की नियमित पोस्टिंग पर सवाल उठ रहे हैं. पढे़ं पूरी रिपोर्ट…

By Aniket Kumar | June 26, 2026 11:08 AM

Motihari CO Transfer: पूर्वी चंपारण में अंचल अधिकारियों (सीओ) के तबादले को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है. जिले में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक सीओ का तबादला जिला बदलने के बजाय महज 7 किलोमीटर दूर दूसरे अंचल में कर दिया गया. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के इस फैसले के बाद प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

विभाग की तरफ से जारी नोटिस

पिपराकोठी से सदर मोतिहारी में मिली पोस्टिंग

जानकारी के अनुसार, पिपराकोठी अंचल में पदस्थापित सीओ सुनील कुमार का तबादला कर उन्हें सदर अंचल, मोतिहारी में पदस्थापित किया गया है. दोनों अंचलों के बीच की दूरी करीब सात किलोमीटर बताई जा रही है. इसी वजह से यह तबादला चर्चा का विषय बन गया है.

यह भी पढे़ं: Bettiah: मां बनी हत्यारिन… घरेलू कलह में 7 माह की बेटी का गला काटा

पहले से संभाल रहे थे सदर अंचल का अतिरिक्त प्रभार

चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि सुनील कुमार पहले से ही पिपराकोठी अंचल के साथ-साथ सदर अंचल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे. अब विभाग ने उन्हें उसी सदर अंचल में नियमित रूप से पदस्थापित कर दिया है. इस निर्णय को लेकर प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

लोगों के बीच उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि सदर अंचल में नियमित सीओ की नियुक्ति करनी थी तो किसी दूसरे अंचल या दूसरे जिले के अधिकारी को भी मौका दिया जा सकता था. इसी कारण विभाग के इस निर्णय को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि ये चर्चाएं हैं और इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है.

यह भी पढे़ं: 14 दमकल, 40 फायरकर्मी और 9 घंटे की जंग के बाद बुझी आग, एक चिंगारी ने कबाड़ गोदाम को किया राख

विभाग की ओर से नहीं आया कोई बयान

तबादला सूची जारी होने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है. हालांकि विभाग ने अब तक यह नहीं बताया है कि इस पदस्थापन के पीछे क्या प्रशासनिक कारण रहे.

क्या कहते हैं प्रशासनिक जानकार?

प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि अधिकारियों का तबादला और पदस्थापन सरकार का अधिकार है. हालांकि ऐसी परिस्थितियों में पारदर्शिता और स्पष्टता भी जरूरी होती है, ताकि किसी तरह के भ्रम या अनावश्यक अटकलों की स्थिति पैदा न हो. फिलहाल विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.

मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट