गर्मी का सितम लगातार जारी, आमजनजीवन पर प्रभाव

किशनगंज में इन दिनों हो रही तेज धूप व भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. शाम के छह बजे तक गर्मी जस की तस बनी रहती है

By AWADHESH KUMAR | June 3, 2026 8:22 PM

पूरे जिले में गर्मी हवा व बढ़ रहे पारे से लोगों सड़क पर नजर नहीं आते हैं. लोग जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकल रहे थे. कई दिनों से लगातार उमस भरी गर्मी से लोगो का जीना मुहाल हो गया है.सरकारी अस्पतालों में डायरिया, सर्दी-जुकाम, त्वचा रोग, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.

किशनगंज के प्रतिनिधि के अनुसार

किशनगंज में हिट वेव का सितम लगातार जारी है. तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी ने आमजनजीवन पर खासा प्रभाव डाला है. शहर में गर्म हवा भी चल रही थी. गर्मी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है. बुधवार को भी शहर की सड़कें दोपहर में सुनसान रही. आलम यह है कि दोपहर के समय कई भीड़ भाड़ वाली सड़कें भी सुनसान दिखी. लोग जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकल रहे थे. कई दिनों से लगातार उमस भरी गर्मी से लोगो का जीना मुहाल हो गया है. जिले में सुबह होते ही धीरे धीरे गर्मी काफी बढ़ने लगती है और देर शाम के बाद ही गर्मी से थोड़ी राहत मिलती है. हाल कुछ ऐसा है कि सुबह से शाम तक कड़ी धूप लोगों को झुलसा रही है. तापमान में तेजी से इजाफा हो रहा है. दोपहर को तापमान में कुछ और बढ़ोतरी हुई. शाम को छह बजे के बाद किसी तरह लोगों ने धूप से तो राहत महसूस की लेकिन गर्मी जस की तस रही. हालांकि जिस तरह गर्म हवाएं चल रही थी, वह अन्य दिनों की तुलना में भी कुछ ज्यादा ही रही.

स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रभाव

तापमान में लगातार वृद्धि के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी तेजी से इजाफा देखा जा रहा है. सरकारी अस्पतालों में डायरिया, सर्दी-जुकाम, त्वचा रोग, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और फूड पॉइजनिंग के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.

हीट-स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि इस समय लू लगना (हीट-स्ट्रोक) और शरीर में पानी की कमी होना सबसे आम समस्या बनकर सामने आ रही है. उन्होंने कहा कि हीट-स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, त्वचा गर्म और सूखी हो जाती है तथा व्यक्ति को चक्कर, भ्रम, तेज या कमजोर नब्ज, सांस लेने में परेशानी और कभी-कभी बेहोशी तक हो सकती है. वही दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें. साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करें ,हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ,धूप में निकलते समय छाता या टोपी का उपयोग करें.