किशनगंज में नल से निकल रहा बदबूदार पानी, दूषित जल पीने को मजबूर ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी
Kishanganj News: किशनगंज के कोचाधामन में हर घर नल-जल योजना पर सवाल. धनपुरा गांव में बदबूदार पानी की आपूर्ति, ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी.
कोचाधामन (किशनगंज) से राजीव कुमार सिंहा की रिपोर्ट
Kishanganj News: सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल’ योजना का मकसद हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है. लेकिन किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड के धनपुरा गांव में यह दावा जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है. यहां लाखों रुपये की लागत से बना जलापूर्ति प्लांट अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी की वजह बन गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि नलों से साफ पानी की जगह बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है. कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. अब लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.
शुद्ध पानी के बजाय मिल रहा दूषित जल
मामला कोचाधामन प्रखंड की डेरामारी पंचायत के वार्ड संख्या-2 स्थित धनपुरा गांव का है. यहां ‘हर घर नल-जल’ योजना के तहत जलापूर्ति प्लांट बनाया गया था ताकि ग्रामीणों को घर बैठे स्वच्छ पेयजल मिल सके.
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट का नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण नलों से दूषित और बदबूदार पानी निकल रहा है. मजबूरी में लोग उसी पानी का इस्तेमाल पीने और घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं.
Kishanganj News: लाखों की योजना, लेकिन प्लांट बना शोपीस
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलापूर्ति प्लांट की समय पर सफाई नहीं होती. प्लांट परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिससे पूरे सिस्टम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई यह योजना अब केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है. धरातल पर लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा.
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बार-बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है.
पंचायत के मुखिया शाहबाज आलम ने भी माना कि जलापूर्ति प्लांट की खराब स्थिति की जानकारी कई बार पीएचईडी विभाग को दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि दूषित पानी की वजह से लोगों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है.
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग, आंदोलन की चेतावनी
मुखिया ने प्रशासन और पीएचईडी अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर प्लांट की मरम्मत, नियमित साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. उनका कहना है कि सरकार की योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब लोगों के घरों तक वास्तव में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचे.
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