4.31 करोड़ की नाला योजना पर बड़ा फैसला, ठाकुरगंज नगर पंचायत की 3 योजनाएं होंगी रद्द?

Kishanganj News: ठाकुरगंज में 4.31 करोड़ की BUIDCO नाला परियोजना का रास्ता साफ हो सकता है. जांच में नगर पंचायत की तीन नाला योजनाएं ओवरलैप पाई गईं, रद्द करने की अनुशंसा.

By Pratyush Prashant | July 6, 2026 3:34 PM

ठाकुरगंज(किशनगंज) से रिपोर्ट

Kishanganj News: करीब तीन सप्ताह से चर्चा में रहे ठाकुरगंज के करोड़ों रुपये के नाला निर्माण विवाद में अब बड़ा प्रशासनिक मोड़ आ गया है. विभागीय जांच में नगर पंचायत ठाकुरगंज की तीन आरसीसी नाला निर्माण योजनाओं को BUIDCO की पहले से स्वीकृत परियोजना से ओवरलैप पाया गया है. इसके बाद नगर विकास अंचल, पूर्णिया के अधीक्षण अभियंता ने इन तीनों योजनाओं को रद्द करने की अनुशंसा कर दी है. अब अंतिम फैसला नगर विकास एवं आवास विभाग को लेना है. यदि इस अनुशंसा पर मुहर लगती है तो लंबे समय से अटकी 4.31 करोड़ रुपये की BUIDCO नाला निर्माण परियोजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा.

कैसे शुरू हुआ करोड़ों रुपये के नाला निर्माण का विवाद?

पूरा मामला सितंबर 2025 से जुड़ा है. उस समय बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCO) ने ठाकुरगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या 1, 2, 5 और 6 में जुबली चौक से जिलेबिया मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों आरसीसी नाला निर्माण के लिए लगभग 4.31 करोड़ रुपये की निविदा जारी की थी.

निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 मई 2026 को इस योजना का एकरारनामा भी निष्पादित हो गया. यानी परियोजना प्रशासनिक रूप से आगे बढ़ चुकी थी.

फिर नगर पंचायत ने क्यों जारी कर दी नई निविदाएं?

इसी बीच मार्च 2026 में नगर पंचायत ठाकुरगंज ने NIT-08/2025-26 के तहत तीन अलग-अलग नाला निर्माण योजनाओं की निविदाएं जारी कर दीं. इनमें रेलवे रोड से भठढाला, रामजानकी मंदिर से प्रखंड कार्यालय और सिकंदर पटेल के आवास से जिलेबिया मोड़ तक आरसीसी नाला निर्माण शामिल था.

यहीं से विवाद शुरू हुआ. सवाल उठने लगा कि जब उसी क्षेत्र में BUIDCO पहले ही परियोजना स्वीकृत कर चुका था, तब नगर पंचायत ने समान कार्यक्षेत्र के लिए अलग से टेंडर किस आधार पर निकाला.

जांच में क्या सामने आया?

विवाद सामने आने के बाद मामला नगर विकास विभाग तक पहुंचा. नगर पंचायत की ओर से मुख्य पार्षद ने विभाग को पत्र भेजकर कहा कि कुछ योजनाओं में वार्ड संख्या और कार्यस्थल के उल्लेख में लिपिकीय त्रुटि हुई थी तथा दोनों एजेंसियों के कार्यस्थल अलग-अलग हैं. इसके समर्थन में नजरी नक्शा भी उपलब्ध कराया गया.

इसके बाद नगर विकास प्रमंडल, किशनगंज के कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में संयुक्त जांच कराई गई. जांच टीम ने दोनों एजेंसियों के टेंडर दस्तावेज, नक्शे और वास्तविक स्थल का मिलान कर अपनी रिपोर्ट नगर विकास अंचल, पूर्णिया के अधीक्षण अभियंता को भेजी.

रिपोर्ट में तीन योजनाओं को बताया गया ओवरलैप

अधीक्षण अभियंता ने जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद स्पष्ट निष्कर्ष निकाला कि नगर पंचायत ठाकुरगंज की ग्रुप-01, ग्रुप-05 और ग्रुप-06 की निविदाएं BUIDCO की पहले से स्वीकृत योजना से ओवरलैप करती हैं.

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि BUIDCO संबंधित कार्य का एकरारनामा पहले ही निष्पादित कर चुका था. इसलिए नगर पंचायत द्वारा बाद में जारी की गई तीनों निविदाओं को रद्द किए जाने की अनुशंसा की गई है.

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Kishanganj News: अब विभाग के फैसले पर टिकी निगाहें

अब पूरा मामला नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतिम निर्णय पर निर्भर है. यदि अधीक्षण अभियंता की अनुशंसा स्वीकार कर ली जाती है तो नगर पंचायत की तीनों निविदाएं निरस्त हो जाएंगी और BUIDCO की 4.31 करोड़ रुपये की नाला निर्माण परियोजना धरातल पर उतर सकेगी.

यह मामला केवल एक परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है. एक ही कार्यक्षेत्र के लिए दो सरकारी एजेंसियों द्वारा समान प्रकृति की निविदाएं जारी होने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है, इसका जवाब भी विभागीय निर्णय के बाद ही साफ हो सकेगा.

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