किशनगंज में अवैध पशु हाटों पर कसेगा शिकंजा? प्रशासन ने जारी किया सख्त आदेश

Kishanganj News: किशनगंज में अवैध पशु हाट और नियम विरुद्ध पशु परिवहन पर प्रशासन सख्त. अधिकारियों को कार्रवाई और एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का आदेश.

By Pratyush Prashant | July 6, 2026 2:50 PM

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Kishanganj News: क्या किशनगंज में अब अवैध पशु हाटों पर बड़ा अभियान शुरू होने वाला है? क्या नियमों के खिलाफ पशु परिवहन करने वालों पर प्रशासन का शिकंजा कसने जा रहा है? जिला प्रशासन के एक नए आदेश ने इन सवालों को हवा दे दी है. सीमावर्ती जिले किशनगंज में जारी इस निर्देश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और लोगों की निगाहें अब अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं.

जिला सामान्य शाखा की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि जिले में कहीं भी अवैध पशु हाट संचालित होते मिले या नियमों का उल्लंघन कर पशुओं का परिवहन किया गया, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी. इतना ही नहीं, कार्रवाई के बाद उसकी विस्तृत रिपोर्ट भी जिला प्रशासन को सौंपनी होगी.

एक आदेश ने बढ़ा दी हलचल

30 जून 2026 को जिला सामान्य शाखा की ओर से जारी आधिकारिक पत्र जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और संबंधित विभागों को भेजा गया है. पत्र में बिहार सरकार के पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग के निदेशालय से मिले निर्देशों का हवाला देते हुए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.

निर्देश के अनुसार जिले में पशु परिवहन नियमावली, 1978 और The Prevention of Cruelty to Animals (Regulation of Livestock Markets) Rules, 2017 का पूरी तरह अनुपालन कराया जाएगा. यदि कहीं बिना अनुमति पशु हाट संचालित हो रहे हों या पशुओं का परिवहन निर्धारित नियमों के विपरीत किया जा रहा हो, तो संबंधित अधिकारी तत्काल कानूनी कार्रवाई करेंगे.

अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, जवाबदेही भी तय होगी

इस आदेश की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिला प्रशासन ने केवल कार्रवाई का निर्देश देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है. अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे कार्रवाई के बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report) तैयार कर जिला प्रशासन को भेजें. इसके बाद यह रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी.

यानी अब केवल कागजी आदेश जारी करने तक मामला सीमित नहीं रहेगा. संबंधित विभागों को यह भी बताना होगा कि उन्होंने जमीन पर क्या कार्रवाई की.

बांकीपुर उपचुनाव के ऐलान के बाद हटने लगे पोस्टर बैनर.

सीमावर्ती जिला होने से बढ़ जाती है संवेदनशीलता

किशनगंज की भौगोलिक स्थिति इसे बिहार के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में शामिल करती है. पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ाव के कारण यहां समय-समय पर पशु परिवहन और मवेशियों की तस्करी को लेकर कार्रवाई होती रही है.

पुलिस, एसएसबी और अन्य एजेंसियों ने पहले भी कई बार मवेशियों से लदे वाहनों को जब्त किया है. ऐसे में प्रशासन का यह नया आदेश केवल एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

Kishanganj News: लोगों के मन में उठ रहे कई सवाल

हालांकि इस आदेश के बाद कई सवाल भी सामने आ रहे हैं. यदि जिले में सब कुछ नियमों के अनुसार संचालित हो रहा था, तो इतनी सख्ती की जरूरत क्यों पड़ी? जिले में कितने पशु हाट वैध हैं और कितने बिना अनुमति चल रहे हैं? क्या प्रशासन अब विशेष अभियान चलाकर उनकी पहचान करेगा?

लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या नियम विरुद्ध पशु परिवहन पर वास्तव में प्रभावी रोक लग पाएगी या यह आदेश भी अन्य सरकारी निर्देशों की तरह फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा.

अब प्रशासन की अगली चाल पर नजर

फिलहाल पूरे किशनगंज जिले की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है. यदि निर्देशों के अनुरूप धरातल पर अभियान शुरू होता है, तो अवैध पशु हाटों और नियम विरुद्ध पशु परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

वहीं यदि संबंधित विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करते या रिपोर्ट केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है, तो प्रशासन की कार्यशैली पर फिर सवाल उठना तय माना जा रहा है. आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह आदेश केवल चेतावनी साबित होता है या फिर जिले में अवैध गतिविधियों पर वास्तविक अंकुश लगाने की शुरुआत.

Also Read: लाखों खर्च के बाद भी बदहाल घाटशिला, जाम नालियां, सड़कों पर जलजमाव और कचरे के ढेर से लोग परेशान

Also Read: भोजपुर में स्कॉर्पियो ट्रेलर से टकराई: नेपाल से घूमकर लौट रहे झारखंड के कपल समेत तीन की मौत, एक की हालत गंभीर