BPSC में किशनगंज का जलवा: सात प्रतिभाओं ने बढ़ाया जिले का मान

BPSC 70th Final Result: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के नतीजों में किशनगंज जिले के युवाओं ने ऐतिहासिक परचम लहराया है. जिले की सात होनहार प्रतिभाओं ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर प्रशासनिक पदों पर कब्जा जमाया है, जिसमें टेढ़ागाछ के सौरव कुमार ने ग्रामीण विकास अधिकारी (RDO) बनकर पूरे सीमांचल को गौरवान्वित किया है.

By Divyanshu Prashant | June 21, 2026 3:17 PM

BPSC 70th Final Result: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले के शिक्षा जगत और युवाओं के लिए शनिवार की शाम एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम पल लेकर आई. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में किशनगंज के होनहारों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए शानदार सफलता हासिल की है. जिले के कुल सात प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने राज्य की इस सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर बाजी मारी है. परिणाम घोषित होते ही सीमांचल के इस सीमावर्ती जिले में जश्न का माहौल है.

एसडीएम से लेकर आरडीओ तक, इन सात होनहारों ने मारी बाजी

किशनगंज जिले से चयनित हुए सभी सात अधिकारियों के नाम, उनके पैतृक निवास और उन्हें मिले प्रशासनिक पदों के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

सफल अभ्यर्थी का नामचयनित पद (Designation)
अंजलि कुमारीअनुमंडल पदाधिकारी (SDM)
सौरव कुमारग्रामीण विकास अधिकारी (RDO)
सम्राट घोषराजस्व पदाधिकारी (Revenue Officer)
तकमील अहमदकल्याण पदाधिकारी (Welfare Officer)
शिप्रा दासआपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector)
मोहम्मद कामरानप्रोबेशन ऑफिसर (Probation Officer)
नकीब आलमखाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक (Food & Supply Inspector)

साधारण ग्रामीण परिवेश से निकले टेढ़ागाछ के लाल सौरव

इन सफलताओं के बीच जिले के सुदूर ग्रामीण और बाढ़ग्रस्त क्षेत्र माने जाने वाले टेढ़ागाछ प्रखंड से एक बेहद प्रेरणादायी कहानी सामने आई है. चिल्हनियां पंचायत के सुहिया हाट निवासी सौरव कुमार ने कड़े संघर्षों के बीच ग्रामीण विकास अधिकारी (RDO) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है.

सौरव स्थानीय व्यवसायी सुनील कुमार गुप्ता के सुपुत्र एवं स्वर्गीय सिकंदर प्रसाद साह के पौत्र हैं. महानंदा और कनकई नदियों की विभीषिका झेलने वाले टेढ़ागाछ जैसे पिछड़े इलाके से निकलकर इस बड़े मुकाम तक पहुंचना सौरव की अटूट लगन और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है.

पिछड़ेपन के दंश को मात देकर युवाओं ने रची नई इबारत

भौगोलिक और शैक्षणिक दृष्टि से बिहार के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार किशनगंज के लिए यह परिणाम एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है. बुनियादी सुविधाओं, बिजली-इंटरनेट के संकट और बड़े कोचिंग संस्थानों के अभाव के बावजूद एक साथ सात युवाओं का प्रशासनिक अधिकारी बनना यह साबित करता है कि सीमांचल की प्रतिभा किसी भी बड़े महानगर के छात्रों से कम नहीं है. रिजल्ट आते ही सफल अभ्यर्थियों के खगड़ा, ठाकुरगंज, बहादुरगंज और टेढ़ागाछ स्थित पैतृक आवासों पर ढोल-नगाड़ों और अबीर-गुलाल के साथ जश्न मनाया जा रहा है.

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BPSC 70th Final Result: सीमांचल के बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

“किशनगंज की इस ऐतिहासिक सांगठनिक सफलता पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ शिक्षकों ने संयुक्त रूप से हर्ष व्यक्त किया है. शिक्षाविदों का कहना है कि यह केवल सात परिवारों की सफलता नहीं है, बल्कि पूरे किशनगंज के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ है. यह परिणाम आने वाली पीढ़ी के स्कूली बच्चों और बेटियों को भी बड़ी प्रशासनिक सेवाओं में जाने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगा.”

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि मिट्टी से जुड़े ये सभी नवनियुक्त अधिकारी जब ज़मीनी स्तर पर काम संभालेंगे, तो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब, शोषित और वंचित परिवारों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पूरी ईमानदारी से पहुंचाएंगे. जिलेवासियों को विश्वास है कि ये युवा भविष्य में भी अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली से किशनगंज और पूरे सीमांचल का नाम राज्य स्तर पर रोशन करते रहेंगे.

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