पौआखाली मेला ग्राउंड दुर्गा मंदिर के सामने क्षतिग्रस्त कलभर्ट से राहगीर परेशान

Culvert Damage: पौआखाली नगर पंचायत के वार्ड संख्या 04 स्थित मेला ग्राउंड दुर्गा मंदिर के सामने मुख्य पीसीसी सड़क का कलभर्ट (पुलिया) पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ा है. इस जर्जर व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को रोज हादसों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है.

By Divyanshu Prashant | June 14, 2026 1:24 PM
पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट

Culvert Damage: नगर पंचायत पौआखाली के वार्ड संख्या 04 में प्रशासनिक उदासीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां के ऐतिहासिक मेला ग्राउंड परिसर स्थित दुर्गा मंदिर के ठीक सामने मुख्य पीसीसी सड़क पर बना कलभर्ट पूरी तरह टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है. स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से यह महत्वपूर्ण कलभर्ट जर्जर और जानलेवा स्थिति में पड़ा हुआ है. मुख्य पथ को जोड़ने और आसपास के घने आवासीय टोलों की लाइफलाइन होने के बावजूद, नगर पंचायत प्रशासन द्वारा अब तक इसकी सुध नहीं ली गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की दैनिक परेशानी चरम पर पहुंच गई है.

श्रद्धालुओं का मुख्य मार्ग हुआ बाधित; रोज फंस रहे हैं वाहन

यह मार्ग न केवल स्थानीय निवासियों के आवागमन का साधन है, बल्कि दुर्गा मंदिर आने-जाने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भी मुख्य कड़ियों को जोड़ता है. कलभर्ट के बीचों-बीच बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन तिपहिया (ऑटो, टोटो) और चार पहिया वाहनों के पहिए इसमें फंस जाते हैं, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से बाहर निकाला जाता है. रात के अंधेरे में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाती है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है.

नगर पंचायत प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

“यदि समय रहते इस क्षतिग्रस्त कलभर्ट का जीर्णोद्धार या नई कड़ियों के साथ निर्माण नहीं कराया गया, तो आगामी त्योहारों के समय यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन को जनहित में तुरंत इसकी मरम्मत करानी चाहिए.”

मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड नंबर 04 के स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध समाजसेवियों ने नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से लिखित शिकायत कर कलभर्ट की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग उठाई है. ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि इस समस्या का अविलंब समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थानीय लोग नगर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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