आधी रात को पैंगोलिन दिखने से लोग हुए परेशान, बाद में हुई पहचान

ठाकुरगंज प्रखंड के पथरिया पंचायत अंतर्गत पथरिया गांव में आधी रात एक दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के दिखाई देने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.

By RAVIKANT SINGH | June 11, 2026 9:52 PM

ठाकुरगंज के प्रतिनिधि के अनुसार

बुधवार की आधी रात चारों ओर सन्नाटा पसरा था. पथरिया पंचायत के पथरिया गांव में लोग गहरी नींद में थे. तभी एक घर के बाहर हुई हलचल ने पूरे गांव को जगा दिया. अंधेरे में दिखाई दिए एक रहस्यमयी जीव को देखकर परिवार के लोग घबरा गए. कुछ ही देर में खबर गांव भर में आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी. जब लोगों ने करीब जाकर देखा तो उसके शरीर पर कवच जैसी कठोर शल्कें थीं और चाल भी बेहद अलग थी. पहले तो ग्रामीण उसे पहचान नहीं सके, लेकिन बाद में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि यह कोई साधारण जीव नहीं बल्कि दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय पैंगोलिन है. पैंगोलिन के मिलने की खबर सुनते ही आसपास के इलाकों से भी लोग उसे देखने पहुंचने लगे. अधिकांश ग्रामीणों ने अपने जीवन में पहली बार इस अनोखे वन्यजीव को इतने करीब से देखा. देर रात तक गांव में इसी रहस्यमयी मेहमान की चर्चा होती रही. मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया.विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ पैंगोलिन को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया. अधिकारियों ने बताया कि यह एक अत्यंत दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है, जिसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा. वन विभाग के अनुसार पैंगोलिन मुख्य रूप से चींटियों और दीमकों को खाकर जीवित रहता है तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह रात्रिचर और बेहद शर्मिला जीव होता है, इसलिए आमतौर पर लोगों की नजरों से दूर रहता है. यही कारण है कि आबादी वाले क्षेत्र में इसका दिखाई देना अपने आप में एक दुर्लभ घटना माना जा रहा है. वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि पैंगोलिन दुनिया में सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले वन्यजीवों में शामिल है. इसके शल्कों और अन्य अंगों की अवैध मांग के कारण इसकी संख्या लगातार घट रही है.