किशनगंज में मानसून मेहरबान, सामान्य से 79% अधिक बारिश : ठाकुरगंज में 43.8 मिमी वर्षा दर्ज
Kishanganj IMD Report: किशनगंज में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. जिले में सामान्य से 79 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. ठाकुरगंज में 43.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई, जिससे किसानों को राहत मिली, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ने लगी है.
ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:
Kishanganj IMD Report: किशनगंज जिले में इस बार मानसून पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा 29 जून 2026 को सुबह 8:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में औसतन 32.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 79 प्रतिशत अधिक है. राज्य के उन चुनिंदा जिलों में किशनगंज शामिल है, जहां मानसून सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय बना हुआ है.
मुख्य जानकारी
कई प्रखंडों में हुई जोरदार बारिश
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार टेढ़ागाछ में सबसे अधिक 47.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा ठाकुरगंज में 43.8 मिमी तथा पोठिया में 42.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. लगातार हो रही वर्षा से जिलेभर के खेत-खलिहानों में हरियाली लौट आई है.
किसानों के लिए वरदान साबित हो रही बारिश
अच्छी बारिश से धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है. खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से किसान खेती-किसानी के कार्य में जुट गए हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समय पर हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है.
राहत के साथ बढ़ी चुनौती
लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है. ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है, जबकि छोटी नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है. यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह वर्षा जारी रही तो कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
पूरे बिहार से अलग दिख रहा किशनगंज
जहां एक ओर बिहार के अधिकांश जिले अब भी सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं, वहीं किशनगंज में सामान्य से 79 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. इससे जिले की तस्वीर राज्य के अन्य हिस्सों से अलग दिखाई दे रही है.
अगले कुछ दिनों तक बारिश के आसार
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले में रुक-रुक कर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है.
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