आजादी के दशकों बाद भी ”मुस्लिम टोला” को स्थायी पुल का इंतजार
आजादी के दशकों बाद भी 'मुस्लिम टोला' को स्थायी पुल का इंतजार
जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण
वर्षों से लंबित है गोरिया नदी पर आरसीसी पुल और पक्की सड़क की मांग
किशनगंज. टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या नौ स्थित मुस्लिम टोला जाने वाली सड़क एवं गोरिया नदी पर आरसीसी पुल निर्माण की मांग वर्षों से लंबित पड़ी हुई है. स्थानीय ग्रामीण लगातार शासन एवं प्रशासन से पक्की सड़क व स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है. बरसात का मौसम नजदीक आते ही ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि गोरिया नदी पर पुल नहीं रहने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है. नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लोगों को प्रखंड मुख्यालय, बाजार, विद्यालय, अस्पताल एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार मरीजों, बुजुर्गों व स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है. इससे हमेशा किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि हर वर्ष जनप्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाता है. कई बार आवेदन एवं मांग पत्र भी सौंपे गए, लेकिन आश्वासन के अलावा अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी. ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से यह समस्या जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों ने कहा कि मुस्लिम टोला तक जाने वाली सड़क कच्ची व जर्जर है. बरसात में कीचड़ एवं जलजमाव के कारण छोटे बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों का मानना है कि गोरिया नदी पर आरसीसी पुल एवं पक्की सड़क निर्माण होने से हजारों लोगों को वर्षभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी. कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्राप्त आवेदन को वरीय अधिकारियों के पास भेज दिया गया है. जल्द ही इस दिशा में पहल की जाएगी. ग्रामीणों में राशिद आलम, नईम आलम, मुख्तार आलम, अफरोज आलम, केयूम आलम, फिरोज आलम, बादल आलम, लतीफ उद्दीन, महमो उद्दीन, मुस्लिम आलम एवं मजीबुल आलम सहित दर्जनों लोगों ने शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है.
