भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क, बनने के 24 घंटे के भीतर ही उखड़ने लगी गिट्टियां

Corruption Road Project: बिहार में सरकारी पैसों की बंदरबांट का एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. किशनगंज में ठेकेदार की मनमानी के कारण एक नई नवेली पीसीसी सड़क बनने के महज 24 घंटे के भीतर ही ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है.

By Divyanshu Prashant | May 23, 2026 1:43 PM

Corruption Road Project: किशनगंज से राहुल कुमार की रिपोर्ट: किशनगंज प्रखंड अंतर्गत टेउसा पंचायत के वार्ड नंबर 15 में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही पीसीसी सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस घटिया निर्माण कार्य के कारण बनने के एक दिन बाद ही सड़क टूटने लगी है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

बिना सूचना पट्ट के गुपचुप तरीके से कराया जा रहा काम

सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य स्थल पर योजना की कुल राशि, ठेकेदार का नाम और काम के विवरण वाला ‘एस्टीमेट बोर्ड’ (सूचना पट्ट) लगाना अनिवार्य है. इसके विपरीत, टेउसा पंचायत के वार्ड नंबर 15 में बिना किसी बोर्ड के ही चुपके-चुपके काम को अंजाम दिया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि बोर्ड जानबूझकर नहीं लगाया गया है, ताकि लोगों को प्राक्कलन की सही जानकारी न मिल सके और ठेकेदार अपनी मनमानी कर सके.

बालू-सीमेंट के खेल से एक ही दिन में उखड़ी गिट्टियां

स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क में मानक के विपरीत अत्यधिक मात्रा में लोकल मिट्टी युक्त बालू का उपयोग किया जा रहा है और सीमेंट की मात्रा नाममात्र की रखी गई है. ठेकेदार और मुंशी की इस लापरवाही का आलम यह है कि ढलाई होने के महज 24 घंटे के भीतर ही सड़क पूरी तरह जर्जर अवस्था में नजर आने लगी है. स्थिति इतनी बदतर है कि सड़क पर पैर रखते ही गिट्टियां उखड़ने लगती हैं, जिससे पूरी सरकारी राशि सीधे तौर पर बर्बाद होती दिख रही है.

बीडीओ ने कहा- दोषी संवेदक पर होगी सख्त कार्रवाई

इस पूरे मामले को लेकर जब किशनगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्मवीर कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी की जानकारी उन्हें मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही विभागीय टीम के साथ स्थल पर पहुंचकर पूरी स्थिति की जमीनी जांच की जाएगी. जांच के दौरान जो भी अनियमितता या घटिया निर्माण के सबूत मिलेंगे, उसे देखते हुए संबंधित संवेदक (ठेकेदार) के खिलाफ सख्त और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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