फलका में सरकारी मदरसों की सघन जांच: रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं का बीडीओ-सीओ ने लिया जायजा
Madarsa Inspection: बिहार सरकार के विशेष निर्देश पर फलका प्रखंड के सभी 6 सरकारी मदरसों का प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया. बीडीओ और सीओ की संयुक्त जांच के दौरान जहां शैक्षणिक व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, वहीं मदरसा उस्मानिया की भूमि पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायत पर अधिकारियों ने त्वरित अंचल स्तरीय जांच का भरोसा दिया है.
मुख्य बातें:
कटिहार के फलका से अली अहमद की रिपोर्ट
Madarsa Inspection: बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में शुक्रवार को फलका प्रखंड क्षेत्र के सभी संचालित सरकारी मदरसों का सघन और व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया. प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) तथा अंचलाधिकारी (CO) ने संयुक्त रूप से विभिन्न मदरसों का भौतिक दौरा कर वहां की शैक्षणिक, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की. इस औचक जांच अभियान से मदरसा प्रबंधनों के बीच दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार के तय मानकों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
6 मदरसों में चला जांच अभियान; मदरसा उस्मानिया में भू-माफियाओं की शिकायत
प्रशासनिक टीम की इस विशेष कार्रवाई और जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अभिलेखों की बारीकी से जांच: निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मदरसों के मुख्य संधारण अभिलेख (रजिस्टर), छात्र-छात्राओं की दैनिक उपस्थिति, नवीन नामांकन संबंधी वैध दस्तावेज, भवन की भौतिक स्थिति तथा पेयजल व साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया.
- 6 सरकारी मदरसे हैं कार्यरत: गौरतलब हो कि फलका प्रखंड के अंतर्गत कुल 6 मान्यता प्राप्त सरकारी मदरसे सुचारू रूप से संचालित हैं, जिनमें से सभी केंद्रों पर अलग-अलग टीम बनाकर जांच सुनिश्चित की गई.
- जमीन पर अवैध कब्जे का मामला: इसी कड़ी में जब बीडीओ और सीओ संयुक्त रूप से फलका बस्ती स्थित मदरसा उस्मानिया की जांच करने पहुंचे, तो वहां स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों ने अधिकारियों को घेर लिया. ग्रामीणों ने लिखित व मौखिक शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मदरसे की कीमती जमीन पर कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा (Encroachment) किया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार में बाधा आ रही है.
मिड-डे मील की स्थिति संतोषजनक; रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जांच के बाद ग्राउंड रिपोर्ट साझा की है, जिसके मुख्य निष्कर्ष नीचे तालिका में दिए गए हैं:
| जांच के मुख्य बिंदु (Parameters) | निरीक्षण के दौरान पाई गई वास्तविक स्थिति |
| छात्रों की उपस्थिति (Attendance) | प्रखंड के अधिकांश मदरसों में बच्चों की भौतिक उपस्थिति काफी संतोषजनक और बेहतर पाई गई. |
| कागजी दस्तावेज (Documents) | मदरसों के मुख्य अभिलेख और सरकारी अनुदान/रखरखाव से जुड़े दस्तावेज व्यवस्थित पाए गए. |
| मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) | एमडीएम (MDM) योजना के तहत मीनू के अनुसार भोजन के संचालन और स्वच्छता मानकों का पालन सही मिला. |
Madarsa Inspection: अंचल स्तर से होगी भू-कब्जे की जांच; दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
मदरसे की जमीन पर अवैध अतिक्रमण के संवेदनशील मामले को लेकर अंचलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है.
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी मदरसों में पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता को अक्षुण्ण बनाए रखना है. जहां तक फलका बस्ती मदरसा उस्मानिया की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत का प्रश्न है, इसे बेहद गंभीरता से लिया गया है. अंचल अधिकारी (CO) के नेतृत्व में अंचल अमीन और राजस्व कर्मचारियों की एक विशेष टीम गठित कर भू-अभिलेखों (खतियान और रसीद) की पैमाइश कराई जाएगी. यदि जांच में अतिक्रमण या अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो संबंधित भू-माफियाओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए बुलडोजर चलाकर तत्काल जमीन खाली कराई जाएगी.
अधिकारियों ने सभी मदरसा प्रधानों को चेतावनी दी है कि वे अपने सभी वित्तीय और शैक्षणिक अभिलेखों को 24 घंटे अद्यतन (अपडेट) रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में जिला स्तर से भी वरीय अधिकारियों की टीम दोबारा औचक निरीक्षण कर सकती है. इस विशेष जांच अभियान के मौके पर मदरसा उस्मानिया के प्रधान शिक्षक मंसूर आलम सहित सभी सहायक शिक्षक, प्रबंध समिति के सदस्य और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.
