अमदाबाद के बुढ़ी मां मंदिर में उमड़ी महिला श्रद्धालुओं की भीड़: सुख-समृद्धि के लिए की विशेष पूजा-अर्चना

Amdabad Budhi Mai Mandir: कटिहार जिले के अमदाबाद नगर पंचायत स्थित ऐतिहासिक बुढ़ी मां मंदिर में रविवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. बाखरगंज, पाल टोला और रघुनाथपुर सहित कई गांवों से आईं सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा स्नान के बाद गाजे-बाजे के साथ मंदिर पहुंचकर सुख-शांति और निरोगी काया के लिए मां की विशेष पूजा-अर्चना की.

By Divyanshu Prashant | July 5, 2026 12:38 PM

कटिहार के अमदाबाद से मनोज कुमार की रिपोर्ट

Amdabad Budhi Mai Mandir: कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का एक सुंदर विहंगम नजारा देखने को मिला. अमदाबाद नगर पंचायत के वार्ड संख्या 9 छोटा रघुनाथपुर स्थित इंद्रावती उच्च विद्यालय प्लस टू के खेल मैदान परिसर में स्थापित ऐतिहासिक व प्रसिद्ध बुढ़ी मां मंदिर में महिला श्रद्धालुओं द्वारा पूरी अगाध आस्था और पारंपरिक धूमधाम के साथ विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया गया. रविवार की सुबह 09:30 बजे से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की लंबी कतारें लग गईं.

पवित्र गंगा स्नान के बाद शुरू हुआ मुख्य अनुष्ठान

इस धार्मिक अनुष्ठान की विधि-विधान और मान्यताओं से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • कठिन उपवास और गंगा स्नान: पूजा की मुख्य रीतियों के बारे में जानकारी देते हुए श्रद्धालु सोनिका देवी, अनीता देवी, मालती देवी, रीतीका देवी, सीमा देवी और आरती देवी ने बताया कि इस अनुष्ठान को लेकर वे सभी सुबह से ही निर्जला उपवास पर थीं. महिलाओं ने पहले पवित्र गंगा नदी पहुंचकर सामूहिक रूप से डुबकी लगाई.
  • गंगाजल से मां का अभिषेक: नदी से पवित्र गंगाजल कलश में भरकर सभी महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए सीधे बुढ़ी मां के मंदिर प्रांगण पहुंचीं, जहां मां की प्रतिमा का जलाभिषेक किया गया.
  • छप्पन भोग और मेवा-मिष्ठान: इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक गीतों के बीच माता रानी को विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, पंचमेवा, शुद्ध देसी घी से बने मिष्ठान, धूप, कपूर और दीप अर्पित कर महाआरती की गई.

सुख-समृद्धि की मन्नत; बीमारियों और आपदाओं से रक्षा करती हैं बुढ़ी मां

स्थानीय लोक मान्यताओं के अनुसार, बुढ़ी मां के दरबार में सच्चे मन से लगाई गई हर गुहार पूरी होती है, जिसे नीचे तालिका में स्पष्ट किया गया है:

भक्तों की मुख्य आस्थामाता रानी के प्रति अटूट धार्मिक विश्वास व मान्यता
पारिवारिक खुशहालीश्रद्धालुओं की गहरी मान्यता है कि इस विशेष वार्षिक पूजा को करने से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और असीम शांति का वास होता है.
आरोग्य का आशीर्वादग्रामीणों का विश्वास है कि मां के आशीर्वाद से बच्चों और परिजनों की विभिन्न प्रकार की गंभीर मौसमी बीमारियों व असाध्य रोगों से रक्षा होती है.
प्राकृतिक संकटों से बचावबाढ़ और कटाव जैसी विभीषिकाओं को झेलने वाले इस क्षेत्र के लोग प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप को कम करने के लिए भी मां की शरण में आते हैं.

Amdabad Budhi Mai Mandir: गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा; भक्तिमय हुआ वातावरण

इस विशेष पूजा अनुष्ठान को लेकर केवल छोटा रघुनाथपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल बना रहा.

  • कई गांवों की महिलाओं की रही सहभागिता: इस महाआयोजन में बाखरगंज, पाल टोला, गोपालपुर और बड़ा रघुनाथपुर गांव की महिला श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर और एकजुट होकर हिस्सा लिया.
  • भक्ति गीतों पर झूमीं महिलाएं: गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ महिलाओं ने मंदिर के चारों ओर एक भव्य शोभायात्रा निकाली. पूजा और आरती के समय पूरा अमदाबाद इलाका माता के जयकारों और भक्तिमय भजनों से सराबोर हो गया, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक नजर आया. दोपहर की आरती के बाद उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रबंध समिति और महिला मंडल द्वारा सामूहिक रूप से मेवा-मिष्ठान का महाप्रसाद वितरित किया गया.

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