कटिहार में भीषण गर्मी व तेज धूप से लोग बेहाल, तापमान 36 डिग्री तक जाने का अनुमान

Heatwave Drought Threat: कटिहार में शनिवार को सुबह से ही खिली तीखी धूप और लू जैसी स्थिति से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश न होने से जहां आम लोग 42 डिग्री जैसी झुलसाने वाली गर्मी महसूस कर रहे हैं, वहीं खेतों में पानी न होने से धान की फसल पर सुखाड़ का संकट मंडराने लगा है.

By Divyanshu Prashant | July 4, 2026 8:42 AM

कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट

Heatwave Drought Threat: बिहार के कटिहार जिले में शनिवार (04 जुलाई 2026) को सुबह से ही आसमान साफ रहने के कारण तेज और तीखी धूप खिली हुई है, जिसने पूरे जिले को भीषण गर्मी और उमस की चपेट में ले लिया है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज जिले का पारा 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है. मॉनसूनी बारिश की बेरुखी के कारण जिले में जहां एक ओर हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में धान की रोपनी के समय खेतों के सूखने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं.

सुबह 7 बजे ही 42°C जैसी तपिश का एहसास; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

  • फील्स लाइक 42 डिग्री: शनिवार को कटिहार का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हालांकि, हवा में 74% नमी होने के कारण सुबह 7 बजे दर्ज किया गया 32 डिग्री का तापमान भी शरीर को 42 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी का एहसास (Feels Like) करा रहा है.
  • सड़कों पर सन्नाटा और डॉक्टरों की सलाह: दोपहर के समय धूप की तल्खी के कारण बाजारों और सड़कों पर आवागमन बेहद कम देखा जा रहा है. आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने वाले लोग छाता, टोपी और पानी की बोतल के साथ नजर आ रहे हैं. डॉक्टरों ने डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस (ORS) या नींबू पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.

बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें, धान की खेती पर मंडराया संकट

मौसम की इस मार का सबसे गंभीर असर कटिहार के कृषि क्षेत्र पर पड़ता दिखाई दे रहा है, जिससे किसान बेहद मायूस हैं.

ग्रामीण इलाकों में यह समय धान की रोपनी का है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से खेतों की नमी पूरी तरह खत्म हो चुकी है. नहरों और तालाबों का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है. किसानों का कहना है कि बिजली की आंख-मिचौनी के बीच महंगे डीजल और बोरिंग के सहारे सिंचाई करने से खेती की लागत दोगुनी हो गई है. अगर अगले एक सप्ताह के भीतर झमाझम बारिश नहीं हुई, तो खेतों में खड़ी धान की बिचड़े सूख जाएंगे और जिला सुखाड़ की चपेट में आ सकता है. कृषि विभाग स्थिति की मॉनिटरिंग कर वैकल्पिक फसलों के लिए सलाह जारी कर रहा है.

Heatwave Drought Threat: तीन दिन बाद राहत के आसार; रविवार से बदल सकता है मिजाज

शनिवार को भले ही मौसम विभाग ने बारिश की संभावना महज 5 प्रतिशत जताई हो, लेकिन आगामी दिनों को लेकर राहत भरा पूर्वानुमान भी सामने आया है.

  • वीकेंड पर बरसेंगे बादल: मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले तीन दिनों में वायुमंडल में बन रहे चक्रवाती दबाव के कारण मौसम करवट ले सकता है. रविवार को आसमान में घने बादल छाने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे पारा लुढ़ककर 34 डिग्री तक आ जाएगा.
  • सोमवार-मंगलवार को बड़ी राहत: अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में तापमान गिरकर 31 से 32 डिग्री सेल्सियस तक आने की संभावना है, जिससे कटिहार वासियों को इस चिपचिपी गर्मी से स्थाई राहत मिल जाएगी. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और घरों में ही सुरक्षित रहें.

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