अमदाबाद में गंगा-महानंदा का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराया

Ganga Mahananda Water Level: कटिहार के अमदाबाद में गंगा और महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका गहरा गई है. किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं और नदी किनारे की सब्जियां भी प्रभावित हो रही हैं.

By Shruti Kumari | June 27, 2026 2:49 PM

कटिहार के अमदाबाद से मनोज कुमार की रिपोर्ट

Ganga Mahananda Water Level: अमदाबाद प्रखंड में गंगा और महानंदा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं. नदी किनारे लगी सब्जियों की खेती पर भी जलस्तर बढ़ने का असर साफ दिखाई देने लगा है.

हर साल बाढ़ और कटाव झेलता है अमदाबाद

अमदाबाद प्रखंड गंगा और महानंदा नदी के बीच स्थित है. पूर्व और उत्तर दिशा से महानंदा तथा पश्चिम और दक्षिण दिशा से गंगा नदी बहती है. दोनों नदियों के कारण हर वर्ष क्षेत्र के लोगों को बाढ़ और कटाव की समस्या का सामना करना पड़ता है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है.

भदई फसल और पटसन पर मंडराया खतरा

किसानों का कहना है कि समय से पहले बाढ़ का पानी निचले खेतों में प्रवेश कर जाता है, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी भदई फसल बर्बाद हो जाती है. इसी कारण अधिकांश किसान बड़े पैमाने पर पटसन की खेती करते हैं, ताकि बाढ़ आने के बाद भी कुछ दिनों तक उसकी कटाई की जा सके. हालांकि इस बार अभी पटसन की फसल पूरी तरह तैयार नहीं हुई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है.

नदी किनारे की सब्जियों पर भी असर

गंगा और महानंदा के बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे उगाई जाने वाली सब्जियों पर भी पड़ने लगा है. खीरा, तरबूज, परवल, करेला सहित अन्य हरी सब्जियों की खेती प्रभावित हो रही है. किसानों को फसल खराब होने की आशंका सता रही है.

बाढ़ की आशंका से किसान चिंतित

स्थानीय किसान रामाधार सिंह, प्रमोद चौधरी और विश्वनाथ सिंह ने बताया कि महानंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल सकता है, जिससे फसलों के साथ-साथ लोगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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