बारसोई में फायर सेफ्टी पर प्रशासन सख्त, SDO ने दिया सभी होटलों, स्कूलों व अस्पतालों के फायर ऑडिट का कड़ा निर्देश

Fire Safety Audit: दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों से सबक लेते हुए बारसोई अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राजू कुमार ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ कड़क समीक्षा बैठक कर क्षेत्र के सभी होटलों, निजी नर्सिंग होम, स्कूलों और शॉपिंग मॉल का अनिवार्य रूप से 'फायर ऑडिट' कराने का फरमान जारी किया है.

By Divyanshu Prashant | June 7, 2026 3:28 PM
बारसोई (कटिहार) से अरविन्द गुप्ता की रिपोर्ट

Fire Safety Audit: देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में हालिया दिनों में हुई दर्दनाक आगजनी की घटनाओं के बाद कटिहार जिले का बारसोई अनुमंडल प्रशासन जन-धन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर हो गया है. संभावित आपदाओं और शॉर्ट-सर्किट से होने वाले हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रविवार को बारसोई के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राजू कुमार ने अपने सरकारी आवास पर अग्निशमन विभाग (Fire Department) के आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान एसडीओ ने दो टूक शब्दों में कहा कि सार्वजनिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने अनुमंडल क्षेत्र के सभी बड़े संस्थानों को अनिवार्य रूप से कड़ा सुरक्षा घेरा अपनाते हुए ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ कराने का निर्देश दिया है.

इन 6 श्रेणी के संस्थानों को रडार पर लिया; सुरक्षा मानकों की होगी कड़क जांच

  1. आतिथ्य क्षेत्र: सभी छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और मैरिज हॉल (विवाह भवन).
  2. स्वास्थ्य सेवा: निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब्स और बड़े अस्पताल.
  3. शिक्षा संस्थान: निजी व सरकारी स्कूल, कोचिंग संस्थान और हॉस्टल्स.
  4. व्यावसायिक केंद्र: शॉपिंग मॉल, बहुमंजिला मल्टीपरपज भवन और बड़े रिटेल आउटलेट्स.

firenoc.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की सलाह; सरकारी औपचारिकता नहीं, सुरक्षा कवच

मौके पर पहुंचेगी दमकल विभाग की स्पेशल टीम: अनुमंडल पदाधिकारी ने क्षेत्र के सभी व्यापारियों, स्कूल प्रबंधकों और अस्पताल संचालकों को कड़ी सलाह दी है कि वे बिहार सरकार की आधिकारिक अग्निशमन सेवा वेबसाइट firenoc.bihar.gov.in पर जाकर अविलंब ऑनलाइन आवेदन करें.

पोर्टल पर आवेदन दर्ज होते ही बारसोई अग्निशमन विभाग की विशेष तकनीकी टीम संबंधित प्रतिष्ठान के भौतिक स्थल (Physical Location) पर पहुंचेगी. टीम वहां जाकर वेंटिलेशन, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता और इलेक्ट्रिक वायरिंग लोड की गहन वैज्ञानिक जांच करेगी और आवश्यक सुधार के सुझाव देगी.

“फायर सेफ्टी से बढ़ती है व्यापार की विश्वसनीयता”: एसडीओ राजू कुमार

  • जोखिम की समय रहते पहचान: एसडीओ ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों और मीडिया के माध्यम से बताया कि फायर ऑडिट कराना केवल एक सरकारी कागजी औपचारिकता या एनओसी (NOC) लेना नहीं है. यह संस्थान के भीतर छिपे अदृश्य खतरों और खामियों को समय रहते पकड़ने का एक लाइफ-सेविंग टूल है.
  • नुकसान होगा न्यूनतम: यदि किसी संस्थान का फायर ऑडिट मुस्तैद रहता है, तो किसी भी अनहोनी या शॉर्ट-सर्किट की स्थिति में जान-माल के नुकसान को 90% तक कम किया जा सकता है.
  • ग्राहकों का बढ़ेगा भरोसा: SDO ने व्यवसायियों को समझाते हुए कहा कि जिस संस्थान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (जैसे स्प्रिंकलर, अलार्म और निकास द्वार) होते हैं, वहां ग्राहकों की विश्वसनीयता स्वतः बढ़ जाती है. लोग ऐसे सुरक्षित माहौल में सपरिवार आना पसंद करते हैं, जिससे अंततः व्यापार को ही आर्थिक लाभ मिलता है.

प्रशासनिक अपील और मुस्तैदी:

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से बारसोई अनुमंडल अग्निशमन विभाग के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर यादव सहित कई अन्य वरिष्ठ विभागीय कर्मी व पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे. अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बारसोई के आम नागरिकों और नागरिक संगठनों से अपील की है कि वे खुद आगे आकर अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें. नियमों की अवहेलना करने वाले और सुरक्षा मानकों को ठेंगा दिखाने वाले बड़े संस्थानों पर आने वाले दिनों में कड़क प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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