12 घंटे गर्मी में तड़पे बारसोईवासी, हल्की बारिश ने खोली बिजली व्यवस्था की पोल

बारसोई में बिजली व्यवस्था की बदहाली उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब है, मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे से बारसोई क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई.

By RAJKISHOR K | June 15, 2026 6:28 PM

रात तीन बजे गुल हुई बिजली दोपहर बाद लौटी

उमस भरी गर्मी में बेहाल रहे हजारों उपभोक्ता, विभाग के खिलाफ बढ़ा आक्रोश

कटिहार के बारसोई से रिपोर्ट,

एक ओर सरकार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बेहतर विद्युत आपूर्ति के दावे कर रही है. बारसोई में बिजली व्यवस्था की बदहाली उपभोक्ताओं के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है, सोमवार की रात हुई हल्की बारिश के बाद मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे से बारसोई क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. हैरत की बात यह रही कि महज हल्की बारिश के बाद बाधित हुई बिजली लगभग 12 घंटे तक बहाल नहीं हो सकी. लोगों को दोपहर बाद करीब तीन बजे के बाद राहत मिल पाई. भीषण गर्मी और उमस के बीच पूरे दिन बिजली नहीं रहने से हजारों उपभोक्ता परेशान रहे. घरों में पंखे और कूलर बंद पड़े रहे. पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई. मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो सके.

ऑनलाइन कारोबार करने वाले हुए ज्यादा परेशान

छोटे व्यवसाय, दुकानदार, छात्र एवं ऑनलाइन कार्य करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारसोई में बिजली आपूर्ति बाधित होना अब आम बात हो गई है. थोड़ी सी बारिश, तेज हवा या तकनीकी खराबी के नाम पर घंटों बिजली गायब रहती है. उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि हल्की बारिश के बाद भी बिजली व्यवस्था 12 घंटे तक पटरी पर नहीं लौट पाती है, तो यह विभागीय तैयारी और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है.

उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करे विभाग

बार-बार की कटौती से आमलोगों का धैर्य जवाब देने लगा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग को सिर्फ राजस्व वसूली तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए. क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं बिहार सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट करते हुए बारसोई की जर्जर विद्युत व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है.