जहानाबाद : स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में DM सख्त, हर प्राइवेट अस्पताल को देनी होगी रोजाना डिलीवरी रिपोर्ट

Jehanabad hospital News : जहानाबाद डीएम ने निजी अस्पतालों में बिना आवश्यकता सिजेरियन डिलीवरी पर सख्ती दिखाते हुए ऑडिट के निर्देश दिए हैं. सभी प्राइवेट अस्पतालों को रोजाना डिलीवरी रिपोर्ट देने, अनियमितता मिलने पर कार्रवाई तथा सरकारी अस्पतालों में सी-सेक्शन सुविधा बढ़ाने का आदेश दिया गया.

By Nikhil Anurag | June 30, 2026 8:35 PM

जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad hospital News : जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की मासिक समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने निजी अस्पतालों में बिना चिकित्सकीय आवश्यकता सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराने की प्रवृत्ति पर सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने निजी अस्पतालों में होने वाले सी-सेक्शन की ऑडिट कराने तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए.

निजी अस्पतालों को देनी होगी प्रतिदिन डिलीवरी रिपोर्ट

डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी निजी अस्पतालों को लिखित आदेश जारी कर प्रतिदिन संस्थागत प्रसव की रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराने और उसका डेटा स्मार्ट पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि सी-सेक्शन के मामलों की नियमित ऑडिट होगी और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

100 प्रतिशत एएनसी पंजीकरण और संस्थागत प्रसव पर जोर

बैठक में सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीकरण, नियमित एएनसी जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, ट्रैकिंग और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर बल दिया गया. खराब प्रदर्शन करने वाली आशा और एएनएम से स्पष्टीकरण लेने तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए.

सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी सिजेरियन की सुविधा

समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में फिलहाल सदर अस्पताल में ही सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है. रेफरल अस्पताल घोषी और मखदुमपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण यह सुविधा नहीं मिल रही है. डीएम ने सिविल सर्जन को विशेषज्ञ चिकित्सकों का रेशनलाइजेशन कर अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी सी-सेक्शन शुरू कराने का निर्देश दिया. आवश्यकता के अनुसार एनेस्थेटिस्ट की प्रतिनियुक्ति करने को भी कहा गया.

भव्या और एचएमआईएस पोर्टल पर शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग का निर्देश

डीएम ने सभी स्वास्थ्य सूचकों की गुणवत्तापूर्ण और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग भव्या एवं एचएमआईएस पोर्टल पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. निष्क्रिय चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगने तथा उन्हें रोस्टर के अनुसार कार्य में लगाने को कहा गया. पिछड़े प्रखंडों की विशेष निगरानी और कम प्रदर्शन करने वाली एएनएम एवं आशा के लिए सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश भी दिया गया.

टीबी, एनसीडी और कुपोषण पर विशेष फोकस

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लक्षित आबादी की शत-प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग, एक्स-रे और एनएएटी जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. निश्चय पोषण योजना के तहत लाभार्थियों को फूड बास्केट वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. साथ ही उच्च रक्तचाप, मधुमेह की स्क्रीनिंग बढ़ाने, कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने तथा रेफरल व्यवस्था मजबूत करने पर बल दिया गया.

गुणवत्ता सुधार और डेंगू नियंत्रण पर भी निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, रोगी सुरक्षा, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और एनक्यूएएस मानकों के अनुपालन की समीक्षा की गई. सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की एमओआईसी स्तर पर व्यक्तिगत मॉनिटरिंग, एंबुलेंस उपयोग एवं रेफरल व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा तथा डेंगू एवं मौसमी रोगों की रोकथाम के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए.

बैठक के अंत में सिविल सर्जन ने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की.

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