Darbhanga Flood News: दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में कमला बलान नदी की बाढ़ ने चार गांवों को लगभग टापू में बदल दिया है. इटहर, चौकिया, लक्ष्मीनिया और बलथरबा गांव का सड़क संपर्क टूट चुका है. हालात ऐसे हैं कि अस्पताल जाना हो, बाजार पहुंचना हो या बच्चों को स्कूल भेजना हो, हर काम के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.
बाढ़ का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. कई स्कूलों तक पहुंचना संभव नहीं है, जिससे कक्षाएं छूट रही हैं. वहीं खेतों में खड़ी फसल पानी में डूबने लगी है और पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहरा गया है.
नाव ही बना लोगों का एकमात्र सहारा
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क टूटने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं. जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करनी पड़ रही है. गांव से बाहर निकलने का कोई दूसरा सुरक्षित रास्ता फिलहाल नहीं बचा है. सड़कें पानी में बह चुकी हैं या पूरी तरह डूब गई हैं. हालांकि, पिछले दो दिनों में कमला बलान नदी के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता अभी भी बरकरार है. उनका कहना है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई या नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया तो स्थिति फिर गंभीर हो सकती है.
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चार पंचायतों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में फिर तेज बारिश हुई या कमला बलान नदी का जलस्तर बढ़ा, तो नौ पंचायतों में से कम से कम चार पंचायतों के हजारों लोग बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं. ग्रामीणों का यह भी कहना है अब तक प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, सरकारी नाव या अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. लोग अपने स्तर पर किसी तरह हालात का सामना कर रहे हैं.
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नाव चालक वसूल रहे मनमाना किराया
बाढ़ की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कुछ निजी नाव चालक प्रति व्यक्ति एक तरफ के सफर के लिए 10 से 20 रुपये तक वसूल रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना आने-जाने वालों के लिए यह अतिरिक्त खर्च भी बड़ी परेशानी बन गया है.
प्रशासन से तत्काल राहत की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और अंचलाधिकारी से प्रभावित गांवों में अतिरिक्त नाव उपलब्ध कराने, राहत सामग्री पहुंचाने, तटबंध की मजबूती सुनिश्चित करने और ऊंचे स्थानों पर अस्थायी राहत शिविर बनाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सरकारी नाव, राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द राहत कार्य तेज करेगा.
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