जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट.
India-Nepal Border: भारत-नेपाल सीमा पर गुरुवार दोपहर अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए, जब नेपाल के रानी बाजार के सैकड़ों दुकानदारों ने सीमा पर लगे बैरियर को गिराकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. करीब एक घंटे तक सीमा पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा. दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में नेपाल पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया, जिसके बाद सीमा पर आवाजाही बहाल हो सकी. प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने रानी बाजार जाने वाली सड़क खोलने का भी आदेश दिया.
आखिर क्यों भड़के रानी बाजार के दुकानदार?
यह विवाद अचानक नहीं हुआ. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि रानी बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहले से बैरियर लगा था, जिससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी. शुक्रवार को प्रशासन ने उसी रास्ते पर जंजीर लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया. दुकानदारों का आरोप है कि इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया.
दुकानदारों का कहना था कि बाजार तक लोगों की पहुंच रुकने से कारोबार लगभग ठप हो गया. इसी नाराजगी में बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतर आए और सीमा पर लगे बैरियर को गिराकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
एक घंटे तक थमी सीमा की रफ्तार
प्रदर्शन का असर कुछ ही मिनटों में पूरे सीमा क्षेत्र पर दिखाई देने लगा. भारत से नेपाल और नेपाल से भारत आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही रुक गई. ट्रक, बस, कार और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
सीमा पार व्यापार, खरीदारी और दैनिक आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.
पुलिस ने संभाला मोर्चा, लाठीचार्ज के बाद सामान्य हुए हालात
स्थिति बिगड़ती देख नेपाल पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा. प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ नहीं मानी. इसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया.
भीड़ हटने के बाद सीमा पर लगे अवरोध हटाए गए और भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन दोबारा शुरू कराया गया. इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी.
India-Nepal Border: विरोध के बाद प्रशासन को बदलना पड़ा फैसला
दुकानदारों के लगातार विरोध और बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन ने रानी बाजार जाने वाली सड़क भी खोलने का आदेश दे दिया. सड़क खुलने के बाद स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली.
व्यापारियों का कहना है कि बाजार तक पहुंच बाधित होने से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे दुकानदारों को होता है. उनका मानना है कि ऐसे फैसले लेने से पहले स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों की परेशानियों पर भी विचार किया जाना चाहिए.
सीमा पर बार-बार बनने वाले ऐसे हालात क्यों चिंता का विषय?
जोगबनी-रानी सीमा बिहार और नेपाल के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही का महत्वपूर्ण मार्ग है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार, खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए सीमा पार करते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा पर बार-बार होने वाले विवाद और प्रदर्शन का सीधा असर व्यापार, परिवहन और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. उनका मानना है कि दोनों देशों के प्रशासन को मिलकर ऐसा स्थायी समाधान निकालना चाहिए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे और व्यापारियों व आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी भी न हो.
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है.
