अंतिम पलों में टूटा क्रोएशिया का सपना, VAR के विवादित फैसले ने पुर्तगाल को दिलाई रोमांचक जीत
Portugal vs Croatia: फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच खेला गया मुकाबला जबरदस्त विवाद के साथ समाप्त हुआ. मैच के इंजरी टाइम के 103वें मिनट में क्रोएशिया ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया था, जिससे मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता हुआ नजर आ रहा था.
Portugal vs Croatia: हालांकि, गोल होने के बाद रेफरी ने VAR की मदद ली और कई मिनट तक चली समीक्षा के बाद इस गोल को ऑफसाइड करार देते हुए रद्द कर दिया. इस फैसले के बाद खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली. सोशल मीडिया पर भी VAR के निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई. बढ़ते विवाद के बीच फीफा ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल वीडियो रिप्ले के आधार पर नहीं लिया गया था.
Apparently FIFA is scrubbing this video from the web. Did you notice on ALL replays, it was a far away side angle during VAR where you’re told “if he touched the ball he was offsides” but they missed the spot- the Croatia player never makes contact with the ball. Rigged, and… pic.twitter.com/o3Q3Yz7nIk
— Behold A Pale Horse (@BeholdPaleH0rse) July 3, 2026
क्या हुआ था 103वें मिनट में?
मैच में पुर्तगाल 2-1 से आगे चल रहा था. खेल के आखिरी पलों में क्रोएशिया ने जोरदार हमला किया और जोस्को ग्वार्डियोल ने गेंद को गोल के अंदर डाल दिया. गोल होते ही क्रोएशिया के खिलाड़ी और फैंस खुशी से झूम उठे. लेकिन, खुशी का यह पल ज्यादा देर नहीं टिका. VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) ने इस गोल की बारीकी से जांच की. कई मिनट तक वीडियो देखने के बाद रेफरी ने पाया कि वह गोल ‘ऑफसाइड’ था, इसलिए गोल को रद्द कर दिया गया. अंत में, पुर्तगाल ने 2-1 से जीत दर्ज की.
क्रोएशिया का गोल रद्द होने की पूरी कहानी
मैच में क्रोएशिया का गोल इसलिए रद्द हुआ क्योंकि गेंद में लगे सेंसर ने एक ऐसी बात पकड़ ली जो किसी को दिखाई नहीं दी थी. इगोर मातानोविच ने गेंद को बहुत हल्का सा छुआ था, जिसे सिर्फ सेंसर ही जान पाए. उस वक्त मारियो पासालिच ‘ऑफसाइड’ जगह पर खड़े थे. फुटबॉल के नियम के मुताबिक, अगर कोई ऑफसाइड खिलाड़ी खेल में जरा सा भी शामिल हो जाता है, तो गोल नहीं माना जाता. हालांकि, गेंद पासालिच के जरिए ही आगे बढ़ी थी, इसलिए रेफरी को नियमों का पालन करते हुए गोल को गलत करार देना पड़ा.
According to the data provided by Connected Ball Technology housed within the @adidasfootball Trionda, the official match ball of the @FIFAWorldCup, it was proven that contact was made by Croatia's #20 Igor Matanović in the build up to the goal against Portugal, allowing the… pic.twitter.com/AyBz11N3wV
— FIFA Media (@fifamedia) July 3, 2026
फीफा ने जारी किया बयान
फीफा ने बताया कि विश्व कप में इस्तेमाल हो रही स्मार्ट मैच बॉल के भीतर सेंसर लगे हैं, जो गेंद पर होने वाले बेहद हल्के स्पर्श को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं. इसी डेटा के आधार पर पुष्टि हुई कि मातानोविच का गेंद से संपर्क हुआ था. इस तकनीकी प्रमाण ने VAR अधिकारियों को अंतिम निर्णय लेने में मदद की.
गोल रद्द होने की तकनीकी वजह
फुटबॉल के नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी गेंद के स्पर्श के समय ऑफसाइड स्थिति में है, तो वह खेल में सक्रिय नहीं हो सकता. इस मामले में, पुर्तगाल के खिलाड़ी द्वारा किया गया हेडर केवल एक ‘डिफ्लेक्शन’ (गेंद का अनजाने में छूना) माना गया, न कि जानबूझकर किया गया पास या नियंत्रण. फुटबॉल के तकनीकी नियमों के तहत, अनजाने में हुआ स्पर्श ऑफसाइड की स्थिति को ‘रीसेट’ नहीं करता है, इसलिए वह खिलाड़ी खेल में बाधा डालने वाला माना गया. हालांकि, वह खिलाड़ी अपनी मूल ऑफसाइड स्थिति से ही आगे बढ़ा था, इसलिए नियमों का उल्लंघन होने के कारण रेफरी ने गोल को अमान्य घोषित कर दिया और फैसला क्रोएशिया के पक्ष में रहा.
मैदान पर दिखा गुस्सा
गोल रद्द होने के बाद क्रोएशियाई खिलाड़ी फैसले से बेहद नाराज नजर आए. कई खिलाड़ियों ने रेफरी से बहस की, जबकि स्टेडियम में मौजूद कुछ समर्थकों ने विरोध में मैदान की ओर बोतलें भी फेंकीं. यह घटना मैच के बाद चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई.
पुर्तगाल अगले दौर में पहुंचा
इस विवादित फैसले के बाद पुर्तगाल की 2-1 से जीत ने उन्हें टूर्नामेंट के अगले दौर में पहुंचा दिया, जबकि क्रोएशिया का विश्व कप का सफर बेहद निराशाजनक और दर्दनाक तरीके से खत्म हुआ. इस घटना ने फुटबॉल प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच VAR (Video Assistant Referee) की भूमिका और तकनीक के सटीक उपयोग को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है.
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