[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीव: मिलिए 194 साल के जोनाथन से, पीएम मोदी ने उसी ब्रीड के कछुए से की मुलाकात

दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीव: मिलिए 194 साल के जोनाथन से, पीएम मोदी ने उसी ब्रीड के कछुए से की मुलाकात

0
दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीव: मिलिए 194 साल के जोनाथन से, पीएम मोदी ने उसी ब्रीड के कछुए से की मुलाकात
एल्डब्रा जाएंट कछुए को खिलाते पीएम मोदी. फोटो- एक्स.

Jonathan Tortoise PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान एक खास कछुए की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी. 27 जून को उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में विशाल कछुआ बाड़े का दौरा किया. उन्होंने बताया कि शेल्स का मूल निवासी एल्डब्रा विशाल कछुआ, पृथ्वी पर सबसे बड़ी और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में से एक है, जिनमें से कुछ दो शताब्दियों से भी अधिक का इतिहास देख चुके हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पीएम ने जोनाथन नाम के उस कछुए से मुलाकात की, जो इस धरती पर सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर है. हालांकि, पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में ऐसी कोई बात नहीं की. वहीं जोनाथन सेशेल्स में रहता भी नहीं. तो क्या है असली कहानी आइए जानते हैं.  

करीब 194 साल से जीवित जोनाथन नाम का विशाल कछुआ आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. उसने अपने जीवन काल में दास प्रथा का अंत होते देखा, भारत के 1857 की क्रांति सुनी होगी, गांधी-नेहरू-अंबेडकर का जन्म भी सुना होगा.. कथित तौर पर नेपोलियन से मुलाकात की, प्रथम विश्व युद्ध देखा, दूसरा भी देखा, भारत की आजादी देखी कंप्यूटर की शुरुआत देखी, इंटरनेट भी देख रहा है… 2000 का जमाना आ गया, जेन-जी आ गए… जेन अल्फा आने लगे हैं, जोनाथन तब से शाश्वत इसी धरती पर विद्यमान है. जोनाथन वैज्ञानिकों के लिए उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को समझने का एक नायाब उदाहरण है.

1832 में हुआ था जन्म, करीब 194 साल की उम्र

जोनाथन का जन्म साल 1832 में माना जाता है. यानी साल 2026 में उसकी उम्र करीब 194 साल हो चुकी है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 17 जून को उसे दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर घोषित किया है. जोनाथन असल में सेशेल्स में नहीं, बल्कि करीब 7 हजार किलोमीटर दूर दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन के अधीन सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है. हालांकि उसका जन्म सेशेल्स में हुआ था. वह एक ‘सेशेल्स जायंट एल्डब्रा टॉर्टोइज’ प्रजाति का कछुआ है.

सेशेल्स से सेंट हेलेना तक का सफर

साल 1882 में जोनाथन को तीन अन्य बड़े कछुओं के साथ सेशेल्स से सेंट हेलेना भेजा गया था. उस समय सेशेल्स ब्रिटिश उपनिवेश मॉरीशस का हिस्सा था. सेंट हेलेना के तत्कालीन गवर्नर विलियम ग्रे-विल्सन के समय जोनाथन वहां पहुंचा. तब से अब तक इस द्वीप पर 31 गवर्नर बदल चुके हैं, लेकिन जोनाथन वहीं बना हुआ है.

आज जोनाथन सेंट हेलेना के गवर्नर निवास ‘प्लांटेशन हाउस’ के लॉन में रहता है. स्थानीय लोग उसे प्यार से ‘जोनो’ भी कहते हैं. सरकार उसकी देखभाल करती है और उसे द्वीप के राष्ट्रीय प्रतीक का दर्जा दिया गया है. उसकी तस्वीर सेंट हेलेना के 5 पेंस के सिक्के पर भी छपी है.

क्या सच में जोनाथन 194 साल का है?

जोनाथन की उम्र का अंदाजा उसके सेंट हेलेना पहुंचने के समय की स्थिति के आधार पर लगाया गया है. साल 2015 में सेंट हेलेना के पशु चिकित्सक डॉ. जो हॉलिंस ने कहा था कि रिकॉर्ड के अनुसार जोनाथन 1882 में वहां पहुंचा था और उस समय वह पूरी तरह बड़ा हो चुका था. इसी आधार पर अनुमान लगाया गया कि उसका जन्म 1832 के आसपास हुआ होगा. 

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी माना है कि जब जोनाथन सेंट हेलेना पहुंचा था, तब वह वयस्क था. इसलिए उसकी वास्तविक उम्र अनुमान से भी अधिक हो सकती है. हालांकि एक और दावा भी सामने आता है. सेंट हेलेना के पूर्व गवर्नर हेनरी लियोनेल गैलवे ने 1941 में लिखा था कि 1776 में एक जहाज के कप्तान ने दो कछुए गवर्नर को दिए थे. अगर वह कछुआ जोनाथन ही था, तो उसकी उम्र 250 साल से भी ज्यादा हो सकती है. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

जोनाथन के 191वें बर्थडे पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने वीडियो साझा किया था. आप भी देखें-

नेपोलियन से जुड़ी कहानी भी है मशहूर

जोनाथन को लेकर एक कहानी यह भी कही जाती है कि जब फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट को 1815 में वाटरलू युद्ध के बाद सेंट हेलेना में कैद किया गया था, तब उनकी मुलाकात जोनाथन से हुई थी. हालांकि इस बात के ठोस प्रमाण नहीं हैं.

ये भी पढ़ें:- छुटकू से सेशेल्स के जरिए चीन को मात देगा भारत, हिंद महासागर में ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ की काट ‘नेकलेस ऑफ डायमंड्स’

खराब आंखों के बावजूद है स्वस्थ

इतनी ज्यादा उम्र के बावजूद जोनाथन की सेहत काफी अच्छी बताई जाती है. हालांकि उसे मोतियाबिंद के कारण कम दिखाई देता है और उसकी सूंघने की क्षमता भी कमजोर हो चुकी है. डॉ. जो हॉलिंस ने बताया था कि एक समय जोनाथन की हालत खराब हो गई थी. वह खुद खाना नहीं खा पा रहा था. 2016 की बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, फिर उसके डाइट प्लान में बदलाव किया गया, जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार आया. 

जोनाथन के साथ रहते हैं तीन और कछुए

जोनाथन के साथ सेंट हेलेना में तीन अन्य कछुए भी रहते हैं, लेकिन वे उससे काफी छोटे हैं. इनमें एक कछुआ फ्रेडरिक भी शामिल है. साल 1991 में जब उसे लाया गया था, तब उसे मादा समझा गया था और उसका नाम ‘फ्रेडेरिका’ रखा गया था. लेकिन बाद में जांच में पता चला कि वह नर है. जोनाथन अपना ज्यादातर समय फ्रेडरिक के साथ ही बिताता है.

Previous article Realme P4x Vs OPPO K14x Vs Motorola G57 Power: ₹20,000 से कम में कौन-सा फोन है सबसे दमदार, जानिए पूरा फर्क
Next article UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री की मार्कशीट आई सामने, इंटरव्यू में 204 मार्क्स
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel