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Home World हाय रे कलयुग! सेप्टिक टैंक में मिले 800 मासूम बच्चों के शव, जानें किस देश का है दिल दहला देने वाला कांड

हाय रे कलयुग! सेप्टिक टैंक में मिले 800 मासूम बच्चों के शव, जानें किस देश का है दिल दहला देने वाला कांड

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हाय रे कलयुग! सेप्टिक टैंक में मिले 800 मासूम बच्चों के शव, जानें किस देश का है दिल दहला देने वाला कांड
आयरलैंड में 800 शिशुओं की मृत्यु क्यों हुई?

Why 800 Babies Died in Ireland: आयरलैंड के एक छोटे से गांव टुआम (Tuam) में छुपी वो काली सच्चाई अब सबके सामने आ रही है, जो दशकों तक जमीन के नीचे दबी रही. यहां 800 से ज्यादा मासूम बच्चों की अवैध सामूहिक कब्र की खुदाई 14 जुलाई 2025 से आधिकारिक रूप से शुरू की गई है. इन बच्चों की मौत 1925 से 1961 के बीच उस संस्था में हुई जो कैथोलिक चर्च द्वारा चलाया जाता था.

ये मामला पहली बार 2012 में सामने आया था, जब स्थानीय इतिहासकार कैथरीन कॉर्लेस (Catherine Corless) ने 796 बच्चों की मौत के दस्तावेज तो पाए, लेकिन उनके दफनाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. अब 10 साल बाद, उस रिपोर्ट के बाद सरकार ने खुदाई के लिए अनुमति दी है.

सेंट मैरी मदर एंड बेबी होम की सच्चाई

सेंट मैरी मदर एंड बेबी होम (St. Mary’s Mother and Baby Home) को कैथोलिक संस्था बॉन सेकर्स सिस्टर्स (Bon Secours Sisters) द्वारा 1925 से 1961 तक चलाया गया. यह घर अविवाहित गर्भवती महिलाओं के लिए था जिन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था. यहां बच्चों की मौत का कारण भूख, बीमारी, इलाज की कमी, और अमानवीय स्थिति थी. कुछ बच्चों की मौत के दस्तावेजों में टीबी, मिर्गी, डायरिया जैसी बीमारियां बताई गईं लेकिन सैकड़ों मामलों में कोई कारण तक नहीं लिखा गया.

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Why 800 Babies Died in Ireland: खुदाई में क्या निकला?

इस खुदाई को आयरलैंड की Office of the Director of Authorised Intervention (ODAIT) द्वारा अंजाम दिया जा रहा है. ODAIT के निदेशक डैनियल मैकस्वीनी ने बताया कि अवशेष एक-दूसरे में उलझे हुए हैं, जिससे पहचान मुश्किल होगी.

यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, कनाडा, कोलंबिया और स्पेन के विशेषज्ञ भी इस खुदाई में मदद कर रहे हैं. DNA तकनीक और वैज्ञानिक जांच के जरिए मृत बच्चों की पहचान की जाएगी और फिर उनका सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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क्यों लगे 10 साल? (Why 800 Babies Died in Ireland)

कैथरीन कॉर्लेस की रिपोर्ट के बाद भी खुदाई में एक दशक का विलंब हुआ क्योंकि यह मामला कैथोलिक चर्च और धार्मिक संस्थाओं से जुड़ा था. 2015 में सरकार ने जांच शुरू की, 2021 में माफी मांगी गई, और फिर 2022 में संसद ने विशेष कानून पास किया जिससे खुदाई शुरू हो पाई. 2014 में टुआम के आर्कबिशप माइकल नीरी ने दुख तो जताया, लेकिन संस्था से पल्ला झाड़ लिया. हालांकि 2021 में बॉन सेकर्स सिस्टर्स और प्रमुख चर्च अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर माफी मांग ली.

मां-बेटों की जुदाई

सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि उनकी माताएं भी शोषण का शिकार रहीं. इन माताओं को समाज से छिपाकर रखा गया, बच्चों को कई बार जबरन गोद दे दिया गया. मांओं को जानकारी तक नहीं दी गई.

ये संस्थान मूल रूप से ‘चरिटी’ के नाम पर चले लेकिन हकीकत में यहां उपेक्षा, अमानवीय व्यवहार और धार्मिक पाखंड की सच्चाई सामने आई. बीबीसी, द गार्जियन, आयरिश टाइम्स और रॉयटर्स की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा कि यह खुदाई सिर्फ एक कब्र की नहीं, बल्कि आयरलैंड के धार्मिक और सामाजिक इतिहास के काले अध्याय की पड़ताल है.

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