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Home World ग्रीनलैंड पर विवाद खड़ा कर ट्रंप जाएंगे स्विट्जरलैंड, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल?

ग्रीनलैंड पर विवाद खड़ा कर ट्रंप जाएंगे स्विट्जरलैंड, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल?

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ग्रीनलैंड पर विवाद खड़ा कर ट्रंप जाएंगे स्विट्जरलैंड, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल?

अमेरिका को दुनिया की तमाम वैश्विक संस्थाओं (66 इंस्टीट्यूशंस) से बाहर निकालने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्जरलैंड जाने वाले हैं. उन्होंने ग्रीनलैंड को लेने के अपने इरादे से पूरे यूरोप को मुश्किल में डाल दिया है. उनकी वजह से NATO में भी दरार पड़ रही है. इसी बीच अब वह 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल होंगे. WEF ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह घोषणा की. उसने यह याद दिलाया कि ट्रंप ने 2025 में अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के महज तीन दिन बाद ही फोरम को संबोधित किया था. विश्व आर्थिक मंच की यह बैठक 19 से 23 जनवरी तक आयोजित की जाएगी. इस दौरान सरकार, व्यापार जगत, नागरिक समाज और शिक्षा जगत से जुड़े विश्व नेता दावोस में एकत्र होंगे, ताकि वैश्विक मुद्दों पर दूरदर्शी चर्चा की जा सके और भविष्य की प्राथमिकताएं तय की जा सकें.

WEF के इस कार्यक्रम को पांच प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के इर्द-गिर्द डिजाइन किया गया है. इनमें प्रगति के लिए सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) की भागीदारी के साथ सार्वजनिक-निजी संवाद और सहयोग आवश्यक माना गया है. इन चुनौतियों से निपटने में विकास, लचीलापन और नवाचार (इनोवेशन) को प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में रखा जाएगा, ताकि नेता आज की जटिलताओं को समझते हुए कल के अवसरों की ओर बढ़ सकें. 

पांच दिवसीय यह शिखर सम्मेलन 23 जनवरी तक चलेगा. यह ‘संवाद की भावना (A Spirit of Dialogue)’ विषय के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें विवादग्रस्त वैश्विक माहौल में सहयोग, नवाचार-आधारित विकास और समावेशी प्रगति (इनक्लूसिव प्रोग्रेस) पर विशेष जोर दिया जाएगा. इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सहयोगात्मक चर्चा और रणनीतिक सहभागिता के माध्यम से वैश्विक आर्थिक (ग्लोबल इकॉनमी), भू-राजनीतिक (जियो पॉलिटिक्स), तकनीक (टेक्नोलॉजी) और सामाजिक चुनौतियों से निपटना है. 

कौन-कौन शामिल होगा इस सम्मेलन में?

WEF के अनुसार, 130 से अधिक देशों से लगभग 3,000 नेताओं के इसमें भाग लेने की उम्मीद है. यह इस मंच के इतिहास की सबसे बड़ी और उच्च-स्तरीय बैठकों में से एक होने वाली है. इनमें करीब 400 वरिष्ठ राजनीतिक नेता, लगभग 65 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख, और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के G7 समूह के छह नेता शामिल होंगे. राजनीतिक नेताओं के अलावा, फोरम के एजेंडे में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे. इनमें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस शामिल हैं, जो इस आयोजन के व्यापक बहुपक्षीय दृष्टिकोण को दर्शाता है.

ANI के इनपुट के साथ.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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