[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World ईरान की घेराबंदी: 10 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात, 24 घंटे में एक भी जहाज नहीं हो सका पार

ईरान की घेराबंदी: 10 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात, 24 घंटे में एक भी जहाज नहीं हो सका पार

0
ईरान की घेराबंदी: 10 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात, 24 घंटे में एक भी जहाज नहीं हो सका पार
अमेरिकी सैनिक की तस्वीर. सोर्स- एक्स/@CENTCOM

US-Iran Naval Blockade: CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि घेराबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज इसे पार नहीं कर सका. इस दौरान 6 मर्चेंट जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन किया और वापस ओमान की खाड़ी में ईरान की ओर लौट गए.

यह घेराबंदी सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू है, जो ईरानी बंदरगाहों या तटीय इलाकों से आ या जा रहे हैं. हालांकि, अमेरिका उन जहाजों को सुरक्षा दे रहा है जो होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के रास्ते गैर-ईरानी बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं.

CENTCOM (सेंट्रल कमांड) अमेरिकी सेना का एक प्रमुख हिस्सा है, जो मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया), मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के देशों में सैन्य ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभालता है. इसका मुख्य काम इन क्षेत्रों में अमेरिकी सुरक्षा हितों की रक्षा करना और सहयोगियों के साथ मिलकर आतंकवाद या युद्ध जैसी स्थितियों को रोकना है.

यूके मरीन एजेंसी ने की घेराबंदी की पुष्टि

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सोमवार को बताया कि उसे ऐसी रिपोर्ट्स मिली हैं कि ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में समुद्री पहुंच पर पाबंदी लगा दी गई है. यह पाबंदी अरब की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और होर्मुज के पूर्व में अरब सागर तक प्रभावी है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ तनाव का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है.

फ्रांस और ब्रिटेन करेंगे 40 देशों के साथ मीटिंग

समुद्री रास्तों को फिर से सुरक्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें तेज हो गई हैं. फ्रांस और ब्रिटेन इस शुक्रवार को पेरिस में एक जॉइंट कॉन्फ्रेंस करेंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इसमें 40 से ज्यादा देश शामिल होंगे. इस वीडियो कॉन्फ्रेंस का मकसद ‘मल्टीलैटरल डिफेंस मिशन’ के जरिए दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते में जहाजों की आवाजाही को फिर से बहाल करना है.

पीएम मोदी और ट्रंप की फोन पर बातचीत

मंगलवार (14 अप्रैल) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने पर जोर दिया. जंग से पहले दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता था, लेकिन अब यहां तनाव के कारण पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.

ये भी पढ़ें: मोसाद चीफ की दो टूक: जब तक ईरान की कट्टरपंथी सरकार नहीं गिरेगी, तब तक जंग खत्म नहीं होगी

इस्लामाबाद में हो सकती है अगली वार्ता

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है. अमेरिकी डेलीगेशन का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर सकते हैं. इसके लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को चुना जा सकता है. ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुश्नर भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं. ये तीनों सलाहकार ईरान के साथ लगातार संपर्क में हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ को दिए इंटरव्यू में संकेत दिया है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में कुछ बड़ा हो सकता है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका में इजरायल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक बातचीत, 1993 के बाद पहली बार सीधी मीटिंग

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel