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Home World इटली में गिरा 13वीं सदी का खंबा, रूस ने मारा ताना तो भड़क उठा मेलोनी का देश, क्या है इसकी खासियत?

इटली में गिरा 13वीं सदी का खंबा, रूस ने मारा ताना तो भड़क उठा मेलोनी का देश, क्या है इसकी खासियत?

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इटली में गिरा 13वीं सदी का खंबा, रूस ने मारा ताना तो भड़क उठा मेलोनी का देश, क्या है इसकी खासियत?
टोरे देई कोंटी टावर गिरने के बाद रूस की टिप्पणी पर इटली ने किया पलटवार.

Torre dei Conti tower collapse: इटली की राजधानी रोम में सोमवार, 3 नवंबर को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब 13वीं सदी के एक मध्ययुगीन टॉवर मरम्मत कार्य के दौरान अचानक आंशिक रूप से ढह गया. इस हादसे में रोमानिया के 64 वर्षीय मजदूर ऑक्टेव स्ट्रोइसी की मौत हो गई, जो करीब 11 घंटे तक मलबे में फंसे रहे. इटली के अधिकारियों ने मंगलवार को इस घटना की पुष्टि की. दमकल विभाग के प्रवक्ता लुका कैरी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया. हालांकि रूस ने इस मौके पर इटली पर जोरदार ताना मारा, जिस पर जॉर्जिया मेलोनी का देश तिलमिला उठा. रूस ने इस घटना को यह कहकर जोड़ा कि यूक्रेन के प्रति इटली के समर्थन ने उसके सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए आवश्यक फंड को खत्म कर दिया है. इस पर इटली ने रूस के एंबेसडर को ही तलब कर लिया. 

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने इस घटना को लेकर विवादित टिप्पणी की. उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, “जब तक इटली की सरकार टैक्सदाताओं का पैसा व्यर्थ यूक्रेन पर खर्च करती रहेगी, तब तक पूरा इटली ढहता रहेगा उसकी अर्थव्यवस्था से लेकर उसके टावर तक.” इटली में अधिकारियों ने इस कमेंट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी (Antonio Tajani) ने इसे शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया. इसके बाद उन्होंने रूस के राजदूत को औपचारिक रूप से तलब भी कर दिया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जाखारोवा के अपमानजनक शब्दों का विरोध किया गया है.” इटली की कैबिनेट ने दिसंबर 2023 में एक योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत यूक्रेन को सैन्य सामग्रियों और उपकरणों की आपूर्ति को 2025 के अंत तक बढ़ाने की अनुमति दी गई थी.

1 मजदूर की मौत, एक गंभीर और 3 घायल अस्पताल में भर्ती

इस हादसे के बाद ने मजदूर स्ट्रोइसी की मौत के मामले में गैर-इरादतन हत्या की जांच शुरू कर दी गई है. राहत कर्मियों ने लगभग 11 घंटे तक लगातार मलबे को हटाने का काम किया. देर शाम वे 60 वर्षीय स्ट्रोइसी तक पहुंचने में सफल रहे. उन्हें सिर में चोट लगी थी और उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि, चोटें इतनी गंभीर थीं कि कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया. वहीं घटना में तीन अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है. बताया गया कि उस मजदूर की नाक की हड्डी टूट गई थी, लेकिन इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार है.

प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने जताया दुख 

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “मैं अपनी और सरकार की ओर से इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं. इस असहनीय पीड़ा की घड़ी में हम उनके प्रियजनों और सहयोगियों के साथ हैं.”

रोमानिया ने भी जताया दुख और आभार 

रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने भी मंगलवार सुबह एक बयान जारी कर मृतक की पहचान ऑक्टेव स्ट्रोइसी के रूप में की और इटली के बचावकर्मियों के अथक प्रयासों के लिए आभार जताया. मंत्रालय ने कहा कि 11 घंटे की कठिन मेहनत के बाद भी स्ट्रोइसी को नहीं बचाया जा सका, लेकिन उनकी कोशिशें सराहनीय रहीं. रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “मुझे ऑक्टेव स्ट्रोइसी की अस्पताल में मृत्यु की खबर से गहरा दुख हुआ है. मैं उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा हूं.”

ऐतिहासिक टॉवर का महत्व 

घटना स्थल ‘टोरे देई कोंटी’ (Torre dei Conti) रोम के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है. इसका निर्माण 13वीं शताब्दी में पोप इनोसेंट तृतीय ने अपने परिवार के निवास के लिए करवाया था. यह टावर 13वीं सदी में कोलोसियम के पास एक 29 मीटर ऊंचे सुदृढ़ निवास के रूप में बनाया गया था. हालांकि यह इमारत 1349 में आए एक भीषण भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गई थी और बाद में 17वीं शताब्दी में भी इस पर भारी असर पड़ा था.

संरचनात्मक मरम्मत और पुनर्स्थापना कार्य के दौरान हुआ हादसा

2007 में सुरक्षा कारणों से इस टॉवर को बंद कर दिया गया था. हाल ही में इसे 6.9 मिलियन यूरो की लागत से कैपुट मुंडी–नेक्स्ट जनरेशन ईयू (Caput Mundi–Next Generation EU) परियोजना के तहत बहाल किया जा रहा था. यह परियोजना यूरोपीय संघ के पोस्ट-कोविड आर्थिक पुनर्निर्माण कार्यक्रम से वित्तपोषित थी. पुनर्स्थापन कार्य में संरक्षण, बिजली, जल और प्रकाश व्यवस्था की स्थापना, तथा रोमन इम्पीरियल फोरम के अंतिम चरणों को समर्पित एक नए संग्रहालय का निर्माण शामिल था. 

इसमें संरचनात्मक मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य चल रहा था. बताया जा रहा है कि सोमवार को इसी मरम्मत कार्य के दौरान इमारत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया. इतालवी अधिकारियों के अनुसार, 1930 के दशक में इसके बाहरी संरचना में बना एक सहारा सोमवार सुबह 11:30 बजे गिरा और 12:50 बजे आंतरिक छत भी ध्वस्त हो गई. उस समय नौ मजदूर साइट पर कार्यरत थे, जिनमें से चार मलबे में फंस गए.

स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू की 

रोम की नगरपालिका कला प्राधिकरणों के अनुसार, पुनर्स्थापन के पहले चरण में एस्बेस्टस हटाने और प्रारंभिक संरचनात्मक परीक्षणों का काम जून में शुरू हुआ था. यह कार्य रोम की दो प्रतिष्ठित बहाली कंपनियों एडिलेरिका (स्थापना-1920) और पिकालार्गा (स्थापना-1878) द्वारा किया जा रहा था. इसी दौरान यह हादसा हुआ. यह हादसा इटली में ऐतिहासिक इमारतों के रखरखाव और संरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है खासकर तब, जब कई सदियों पुरानी इमारतें अब भी पुनर्निर्माण और संरक्षण के अधीन हैं. घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. विशेषज्ञ टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मरम्मत कार्य के दौरान कोई तकनीकी या सुरक्षा चूक हुई थी.

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