[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World पुतिन की परछाई! रूस का ‘सिलोविकी सर्कल’ कौन है? जहां रूसी राष्ट्रपति, वहीं ये सात खुफिया शहंशाह

पुतिन की परछाई! रूस का ‘सिलोविकी सर्कल’ कौन है? जहां रूसी राष्ट्रपति, वहीं ये सात खुफिया शहंशाह

0
पुतिन की परछाई! रूस का ‘सिलोविकी सर्कल’ कौन है? जहां रूसी राष्ट्रपति, वहीं ये सात खुफिया शहंशाह
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी.

Russia Siloviki Circle: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस वक्त दो दिन की भारत यात्रा पर हैं. एजेंडा है तेल, व्यापार और रक्षा से जुड़ी बड़ी बातें. रूस-यूक्रेन युद्ध और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के गिरफ्तारी वारंट के कारण पुतिन दुनिया के बहुत कम देशों में जाते हैं. लेकिन जब भी जाते हैं उनके साथ एक ऐसी टीम होती है, जो सिर्फ बॉडीगार्ड नहीं, बल्कि रूस की असली ताकत कही जाती है. यह टीम है सिलोविकी सर्कल, जिसे पुतिन की “शैडो टीम” भी कहा जाता है. इन लोगों के रहते पुतिन के आसपास कोई फालतू चिड़िया भी फड़फड़ नहीं सकती.

Russia Siloviki Circle in Hindi: कौन हैं सिलोविकी?

रूस में सिलोविकी सर्कल उन सात लोगों का समूह है, जिन्हें पुतिन अपना सबसे करीबी और भरोसेमंद मानते हैं. ये लोग या तो खुफिया एजेंसियों से जुड़े रहे हैं या सुरक्षा और सेना के अहम पदों पर रहे हैं. पुतिन के हर बड़े फैसले सैन्य हो, सुरक्षा हो या विदेश नीति इनकी सलाह के बिना आगे नहीं बढ़ते. यह टीम हर दौरे पर पुतिन को घेरे रहती है और रणनीति से लेकर सुरक्षा तक हर चीज संभालती है.

Russia Siloviki Circle: ‘सिलोविकी’ शब्द का क्या मतलब है?

सिलोविकी का अर्थ है बल वाले लोग या सुरक्षा तंत्र के लोग. यह शब्द 1990 के दशक में, बोरिस येल्त्सिन के दौर में आया, जब सुरक्षा एजेंसियों का असर बढ़ने लगा था. ये वे लोग थे, जिन्होंने KGB, सेना, पुलिस और बाद में FSB जैसी एजेंसियों में काम किया. पुतिन के सत्ता में आने के बाद इनका रुतबा और बढ़ गया, क्योंकि पुतिन खुद KGB के पुराने अधिकारी रहे हैं और उन्होंने अपने भरोसे के लोगों को ऊंचे पदों पर रखा.

सिलोविकी सर्कल में कौन-कौन शामिल हैं?

यह सात सबसे असरदार चेहरे हैं. निकोलाई पत्रुशेव रूस की सुरक्षा परिषद के प्रमुख. सेर्गेई नारिश्किन विदेशी खुफिया एजेंसी SVR के प्रमुख. अलेक्जेंडर बोतर्निकोव घरेलू खुफिया एजेंसी FSB के डायरेक्टर. सेर्गेई शोइगू सैन्य खुफिया व्यवस्था से जुड़े अहम चेहरा. वैलेरी गेरासिमोव रूसी सशस्त्र बलों के जनरल. एंतोन वायनो राष्ट्रपति कार्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ और यूरी कोवालचुक पुतिन के सबसे निजी और करीबी सहयोगी, भले सरकारी पद न हो, लेकिन पुतिन के साथ परछाई की तरह रहते हैं. ये लोग सुरक्षा भी संभालते हैं और पुतिन की हर रणनीतिक मीटिंग के असली सलाहकार भी यही हैं.

Siloviki Circle Putin Security in Hindi: कैसे बना सिलोविकी सर्कल?

इस सर्कल की शुरुआत 1990 के दशक के आखिर में हुई, जब पुतिन धीरे-धीरे रूस की सत्ता की तरफ बढ़ रहे थे. पुतिन का KGB बैकग्राउंड और सोवियत दौर की सोच एक बार खुफिया अधिकारी, तो हमेशा खुफिया अधिकारी ने उन्हें ऐसे लोगों के करीब ला दिया, जिनकी सोच, ट्रेनिंग और वफादारी एक जैसी थी. इन सभी की विचारधारा एक जैसी है मजबूत रूस, पश्चिम पर अविश्वास, राष्ट्रवादी सोच और सुरक्षा-प्रथम नीति. ध्यान देने वाली बात यह है कि सिलोविकी कोई औपचारिक संगठन नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे इसका असर इतना है कि रूस के बड़े फैसले इन्हीं के दायरे से होकर गुजरते हैं. सिलोविकी इसलिए चर्चा में रहते हैं क्योंकि, जहां पुतिन होते हैं, वहां सिलोविकी भी होते हैं और जहां सिलोविकी होते हैं वहां किसी अनदेखी का सवाल ही नहीं.

ये भी पढ़ें:

‘अमेरिका खरीद सकता है, तो भारत क्यों नहीं?’ रूसी तेल पर US टैरिफ को लेकर भड़के पुतिन

भारत ने अफगानिस्तान को भेजा जान बचाने वाला गिफ्ट, पाकिस्तान को जानकर लोट जाएगा कलेजे पर सांप

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel