[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World जेपी मॉर्गन की अधिकारी पर यौन गुलाम बनाने का आरोप, ब्राउन इंडियन जैसी रेसिस्ट टिप्पणी की, वायग्रा खिलाया और दीं धमकियां

जेपी मॉर्गन की अधिकारी पर यौन गुलाम बनाने का आरोप, ब्राउन इंडियन जैसी रेसिस्ट टिप्पणी की, वायग्रा खिलाया और दीं धमकियां

0
जेपी मॉर्गन की अधिकारी पर यौन गुलाम बनाने का आरोप, ब्राउन इंडियन जैसी रेसिस्ट टिप्पणी की, वायग्रा खिलाया और दीं धमकियां
लोर्ना हजदीनी और चिरायु राणा. फोटो- सोशल मीडिया एक्स

JPMorgan Chase Harassment Case: कॉर्पोरेट जगत की चमक-दमक वाली जिंदगी के पीछे जी तोड़ मेहनत होती है. बॉस की हां में हां मिलानी पड़ती है और ना कहा तो प्रमोशन में देरी और नौकरी से निकालने की धमकी तक है. लेकिन अमेरिका के न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल 2026 को एक मुकदमा दायर हुआ, जिसने कॉर्पोरेट जगत में खलबली मचा दी है.  यह मुकदमा दक्षिण एशियाई मूल के एक प्रोफेशनल ने जेपी मॉर्गन चेस के लेवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन की कार्यकारी निदेशक लोर्ना हजदीनी के खिलाफ किया है. उन पर जॉन डो के साथ यौन उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी, डेट-रेप ड्रग्स और जबरन सेक्स वर्धक दवाएं देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. यह केस पीड़ित की पहचान छिपाने के लिए ‘जॉन डो’ के नाम से किया गया है. 

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे दौर का सिलसिला 2024 की वसंत ऋतु में शुरू हुआ, जब दोनों ने एक साथ काम करना शुरू किया. शुरुआत में अनुचित शारीरिक संपर्क जैसे पैर पर हाथ फेरना और आपत्तिजनक यौन टिप्पणियां की. लेकिन कोर्ट में दायर केस के अनुसार, यह जल्द ही उत्पीड़न के गंभीर रूप में बदल गया. जॉन डो का आरोप है कि हाजदिनी ने उसे ‘डेट-रेप ड्रग्’स दिए और उसकी इच्छा के खिलाफ यौन क्रियाएं कीं.

एक घटना में, कथित तौर पर उसके मना करने और रोने पर उसे डांटा गया. मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि हाजदिनी उसे ‘माय लिटिल ब्राउन बॉय’ कहकर संबोधित करती थीं और नस्लीय आधार पर आपत्तिजनक बातें करती थीं. जब वादी ने उनके प्रस्तावों का विरोध किया, तो कथित तौर पर हाजदिनी ने कहा, ‘अगर तुम जल्द ही मेरे साथ संबंध नहीं बनाओगे, तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी… याद रखना, मैं तुम्हें कंट्रोल करती हूं.’

शिकायत करने पर जॉन डो के खिलाफ हुई कार्रवाई

इस मामले की पहली रिपोर्ट ब्रिटेन की वेबसाइट डेली मेल ने बुधवार शाम प्रकाशित की थी. इसमें कोर्ट फाइलिंग के विवरण दिए गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, बाद में इन दस्तावेजों को सुधार के लिए वापस ले लिया गया. ब्रिटिश टैब्लॉइड के अनुसार, अब हटाए जा चुके दस्तावेजों में यह भी आरोप था कि हाजदिनी बिना बताए राणा के फ्लैट पर पहुंचीं और उन्हें जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. हाजदिनी जॉन डो को बिना जानकारी दिए रोहिपनॉल या रूफीज और वियाग्रा देकर नशे में किया. उन्होंने अपने पीड़ित सहकर्मी के साथ ही उसकी पत्नी के ऊपर भी नस्लीय टिप्पणी की. 

जॉन डो के अनुसार कंपनी ने उसकी सुरक्षा करने के बजाय उसके खिलाफ कार्रवाई की. शिकायत में आरोप है कि उसे धमकी भरे फोन कॉल मिले और चुप रहने के लिए डराया गया. डो का दावा है कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद उसे कंपनी के सिस्टम से बाहर कर दिया गया और जबरन अवकाश पर भेज दिया गया. वहीं, जिन अधिकारियों पर आरोप लगे, उनके खिलाफ कोई समान कार्रवाई नहीं हुई. 

पीड़ित जॉन डो की पहचान हुई उजागर

द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जॉन डो की पहचान 35 वर्षीय चिरायु राणा के रूप में हुई है. कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें भारतीय मूल का और कुछ में नेपाली मूल का बताया जा रहा है. ऐसे में उनकी नेशनालिटी के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है. चिरायु वर्तमान में निवेश फर्म ब्रेगल सेजमाउंट में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं.

उन्होंने मई 2025 में आंतरिक शिकायत भी दर्ज कराई थी. इसके बाद उन्होंने बैंक छोड़ने के लिए मिलियन डॉलर के भुगतान की बातचीत करने की कोशिश की. इस मुकदमे में जेपी मोर्गन चेज को भी प्रतिवादी बनाया गया है और बैंक पर प्रतिशोध लेने तथा उचित जांच न करने का आरोप लगाया गया है.

पीड़ित पर पड़ा बुरा असर

जॉन डो/चिरायु राणा के वकील डैनियल जे कैसर के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम का शिकायतकर्ता पर गहरा मानसिक और पेशेवर असर पड़ा है. उसे पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिस्ऑर्डर (पीटीएसडी) का सामना करना पड़ रहा है. उसकी प्रतिष्ठा प्रभावित होने से उसे नई नौकरी मिलने में कठिनाई हो रही है. मुकदमे में पीड़ित ने आर्थिक नुकसान, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को हुई क्षति के लिए मुआवजे के साथ-साथ कंपनी की नीतियों में बदलाव की भी मांग की है.

जेपी मोर्गन ने आरोपों को किया खारिज

वॉल स्ट्रीट की कॉर्पोरेट चमक-दमक को एक ऐसे मुकदमे ने झकझोर दिया है. इसने दुनिया भर के कर्मचारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है. इसने उच्च जोखिम वाली वित्तीय दुनिया में सत्ता के दुरुपयोग की भयावह तस्वीर पेश की है. हालांकि, जेपी मोर्गन ने इन आरोपों से खुद को अलग बताया है. बैंक ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. 

बैंक के एक प्रवक्ता ने द न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि मानव संसाधन विभाग, फोन रिकॉर्ड और ईमेल की समीक्षा और इन-हाउस वकीलों द्वारा की गई विस्तृत जांच में आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला. कई कर्मचारियों ने जांच में सहयोग किया, लेकिन शिकायतकर्ता ने इसमें भाग लेने से इनकार किया और अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक तथ्य भी उपलब्ध नहीं कराए.

रिपोर्ट के अनुसार, हाजदिनी राणा की बॉस नहीं थीं, बल्कि दोनों लेवरेज्ड फाइनेंस टीम में सहकर्मी थे, जो अधिग्रहण, विलय और बायआउट जैसे मामलों को संभालती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाजदिनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रैंडन ग्रैफियो थे, जबकि राणा के जॉन वोल्टर, यानी हाजदिनी के पास उनके वार्षिक बोनस को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं था.

ये भी पढ़ें:- भारत में मुस्लिम, उर्दू और कश्मीर की पहचान मिट रही, RSS-हिंदुत्व फैल रहा… फिर बिलबिलाया पाकिस्तान

ये भी पढ़ें:- AI से बनी इस देश की एआई पॉलिसी 16 दिन में ही रद्द, फर्जी जर्नल और रेफरेंस से हुआ खुलासा

लोर्ना हजदीनी कौन हैं?

उपलब्ध पेशेवर जानकारी के मुताबिक, हाजदिनी ने जेपी मोर्गन चेज में करीब 15 वर्षों तक काम किया है. 37 वर्षीया हाजदिनी ने वर्ष 2011 में जेपी मोर्गन में विश्लेषक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. समय के साथ उन्होंने पदोन्नति प्राप्त की और वर्ष 2021 में कार्यकारी निदेशक के पद तक पहुंचीं. फिलहाल वह बैंक के लेवरेज्ड फाइनेंस विभाग में कार्यकारी निदेशक के पद पर हैं. 

द सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनका काम बड़े कॉर्पोरेट सौदों और फाइनेंशियल सिस्टम से जुड़ा हुआ है. उनके पद के अनुसार, उनकी वार्षिक आय दो लाख डॉलर (लगभग 1.67 करोड़ रुपये) से अधिक मानी जाती है. हालांकि उनके निजी जीवन के बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है. विवादों के बाद से उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर दिया है. हालांकि, उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वह NYU स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंस और स्टैटिस्टिक्स में ग्रैजुएट हैं, जबकि हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की डिग्री ली है. 

Previous article Bajaj ने लॉन्च की Pulsar NS400Z, दमदार इंजन और फीचर्स के साथ अब ज्यादा किफायती
Next article बिहार में आंधी-बारिश ने उजाड़े खेत, मक्का के साथ किसानों के सपने भी गिरे
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel