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Home बिहार पूर्णिया बिहार में आंधी-बारिश ने उजाड़े खेत, मक्का के साथ किसानों के सपने भी गिरे

बिहार में आंधी-बारिश ने उजाड़े खेत, मक्का के साथ किसानों के सपने भी गिरे

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बिहार में आंधी-बारिश ने उजाड़े खेत, मक्का के साथ किसानों के सपने भी गिरे
खेत मे गिरे मक्के की फसल तस्वीर

Purnia News: पूर्णिया जिले के बायसी प्रखंड में तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है. अचानक बदले मौसम ने ऐसा प्रहार किया कि खेतों में खड़ी मक्के की फसल पलभर में जमीन पर बिछ गई है. किसानों की मेहनत,उम्मीद और भविष्य सब एक साथ पलभर में ढह गए है.

सुबह खेत की हालत देख किसान सन्न रह गए

शुक्रवार सुबह किसान जब खेत पहुंचे तो उनके कदम वहीं थम गए. सामने फसल के बर्बादी का मंजर था. सारी फसल अब मिट्टी में लिपटी पड़ी थी. इसे देख किसानों की आंखें नम हो गई. क्योंकि यह सिर्फ उनके लिए फसल मात्र नहीं,बल्कि परिवार की उम्मीदों का सहारा थी.

स्थानीय किसानों का क्या कहना हैं?

स्थानीय किसानों का कहना हैं कि तेज हवा,आंधी,तूफान बारिश और ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है. उन्होंने कहा सोचा था इस साल कुछ बचत होगी पर अब तो लागता है,कृषि में लगे खर्च को निकालना भी मुश्किल हो गया है. किसानों की आवाज में बेबसी और चिंता साफ नजर आ रही थी .
स्थानीय किसान मुन्ना,ललित यादव,विकास कुमार,वीरेंद्र और तमाम लोगों ने कहा पहले से ही महंगे बीज,खाद और सिंचाई की मार झेल रहे है. अब प्रकृति की यह चोट ने परिवारों को संकट में डाल दिया है. यहां तक रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की पढ़ाई तक संकट में पड़ गई है.

किसानों ने मुआवजे की मांग की

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द फसल क्षति का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली,तो हम सब कर्ज और गरीबी के दलदल में फंस जाएंगे.

मौसम बना डर का दूसरा नाम

बिहार और देश में इन दिनों लगातार बदलता मौसम देख किसानों में डर का माहौल है. अब भी आसमान में बादल छाए हैं . इससे पूर्णिया समेत पूरे बिहार के किसानों में डर का माहौल बना हुआ है. अब देखना है कि मौसम में कब तक सुधार होने के आसार है.

(बायसी,पूर्णिया से अरविन्द कुमार की रिपोर्ट )

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Vivek Singh : विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म The Newsdharma के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है. इसके साथ ही वे NGO Amar Shaheed Bipin Singh Foundation से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
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