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अमेरिका को भारी झटका: F-35 से भी महंगा ड्रोन ईरान युद्ध में खोया

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अमेरिका को भारी झटका: F-35 से भी महंगा ड्रोन ईरान युद्ध में खोया
ईरान-यूएस युद्ध का अपडेट (सांकेतिक तस्वीर)

Iran War : ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने अपना बेहद एडवांस और महंगा MQ-4C Triton ड्रोन खो दिया. इसकी कीमत करीब 200–240 मिलियन डॉलर बताई जा रही है, जो दो F-35 फाइटर जेट से भी ज्यादा है. ये ड्रोन फारस की खाड़ी में गायब हुआ, जिससे अब तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. ये भी शक है कि कहीं ईरान का ये निशाना तो नहीं बन गया.

ड्रोन के खोने की पुष्टि अमेरिका ने की

MQ-4C ड्रोन 9 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट के पास ऑपरेशन के दौरान अचानक गायब हो गया. बताया जा रहा है कि उसने “कोड 7700” इमरजेंसी अलर्ट भी भेजा था. बाद में अमेरिकी नेवल कमांड ने मंगलवार (14 अप्रैल) को अपनी रिपोर्ट में इस ड्रोन के खोने की पुष्टि कर दी. अमेरिकी नेवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हाई-टेक MQ-4C ड्रोन फारस की खाड़ी में क्रैश हो गया. यानी मिशन के दौरान ही ये सीधा समंदर में गिरा और पूरी तरह खत्म हो गया. यह लंबे समय तक ऊंचाई पर उड़कर निगरानी करने में कैपेबल था.

अमेरिका को हुआ बहुत बड़ा नुकसान

अमेरिका स्थित CBS न्यूज के अनुसार, अमेरिका के नियमों के मुताबिक अगर किसी हादसे में 2.5 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो तो उसे “क्लास A मिशैप” कहा जाता है. इस मामले में तो नुकसान करीब 240–250 मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है, यानी ये बेहद बड़ा और महंगा हादसा माना जा रहा है.

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अमेरिका की नेवी का बेहद एडवांस ड्रोन है MQ-4C Triton

9 अप्रैल को खबरें आई थीं कि MQ-4C ड्रोन को ईरान की एयर डिफेंस ने मार गिराया, लेकिन अब अमेरिकी नेवी ने कहा है कि ये क्रैश हुआ था. मंगलवार को जारी रिपोर्ट में बस इतना बताया गया कि ड्रोन गिरा और किसी को चोट नहीं आई. घटना की असली वजह क्या थी, इस पर अभी भी साफ जानकारी सामने नहीं आई है. MQ-4C Triton अमेरिका की नेवी का बेहद एडवांस बिना पायलट वाला ड्रोन है, जो लंबे समय तक उड़कर बड़े इलाके पर नजर रख सकता है. इसका इस्तेमाल समुद्री रास्तों पर निगरानी, सैन्य गतिविधियों (Military Activities) को ट्रैक करने और पूरे इलाके की स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए किया जाता है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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