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Home World बंदर अब्बास अटैक पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला

बंदर अब्बास अटैक पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला

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बंदर अब्बास अटैक पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला
ईरान के हमले का काल्पनिक दृश्य. तस्वीर एआई से बनवाई गई है.

Iran Attacks US Airbase: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एकबार फिर बढ़ रहा है. बुधवार सुबह बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास अमेरिकी अटैक के बाद अब ईरान ने जवाबी हमला करने का दावा किया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को कहा कि उसने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4:50 बजे एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया. आईआरजीसी का कहना है कि यह हमला उसी दिन पहले हुए अमेरिकी हमले के जवाब में किया गया.

बंदर अब्बास के पास कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव

आईआरजीसी के मुताबिक, अमेरिका ने बंदर अब्बास एयरपोर्ट के आसपास सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद जवाबी कदम उठाया गया. हालांकि ईरानी मीडिया ने यह नहीं बताया कि किस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया गया. ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा.

कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को जवाब देने का किया दावा

ईरान ने भले ही किसी एयरबेस का नाम नहीं बताया हो, लेकिन कुवैत ने गुरुवार सुबह एक बयान जारी कर कहा कि उसने मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया था. कुवैत मिडिल ईस्ट में अमेरिका का एक सहयोगी देश है. कुवैत में अमेरिका का अली अल सलेम एयर बेस है. यह अल जहरा के पास स्थित, यहां यूएस एयरफोर्स की 386वीं एयर एक्सपेडिशनरी विंग का केंद्र है. यह एक अहम एयरलिफ्ट हब के रूप में कार्य करता है. इसी बेस के जरिए अमेरिका इलाके में ड्रोन ऑपरेशन्स को मैनेज करता है.

अमेरिका को दी सख्त चेतावनी

आईआरजीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आगे कोई और सैन्य कदम उठाया, तो ईरान की प्रतिक्रिया ‘और ज्यादा निर्णायक’ होगी. ईरानी सैन्य बलों ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

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अमेरिका ने बीते 48 घंटे में ईरान पर दो हमले किए

अमेरिका ने बीते दो दिनों में ईरान के खिलाफ दो बड़े सैन्य हमले किए हैं. पहला हमला मंगलवार को दक्षिणी ईरान में किया गया, जिसे अमेरिकी सेना ने ‘सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक’ बताया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई उन मिसाइल लॉन्च साइट्स और ईरानी नौसैनिक ठिकानों के खिलाफ की गई. अमेरिका ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्री माइंस बिछाने और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की तैयारी हो रही थी.

इसके बाद बुधवार देर रात अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास इलाके के पास दूसरा हमला किया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने एक अमेरिकी कारोबारी जहाज को निशाना बनाने के लिए चार आत्मघाती ड्रोन भेजे थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने रास्ते में ही मार गिराया. इसके तुरंत बाद अमेरिका ने जमीन पर मौजूद एक ईरानी ड्रोन लॉन्च यूनिट को भी निशाना बनाया, ताकि आगे और ड्रोन हमले न हो सकें. इस सैन्य कार्रवाई के कुछ देर बाद बंदर अब्बास के पूर्वी हिस्से में तीन धमाकों की खबर आई और इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए.

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह हमला इसलिए किया गया ताकि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सके. अमेरिका का कहना है कि ये हमले क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी थे, जबकि ईरान लगातार इन्हें आक्रामक कार्रवाई बता रहा है. ईरान ने इन हमलों का जवाब देने की बात कही थी.

ताजा हमलों के बाद शांति वार्ता की कोशिशों को झटका

होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी खोलने और ईरान के न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम समाप्त करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी भी दे रहे हैं. अब यूएस इन दो हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद, फिर से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है और शांति वार्ता की कोशिशों को झटका लग सकता है.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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