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Home World ईरान का इजरायल के परमाणु संयंत्र और दो शहरों पर हमला, एयर डिफेंस फेल, 100 से ज्यादा घायल, भड़के नेतन्याहू

ईरान का इजरायल के परमाणु संयंत्र और दो शहरों पर हमला, एयर डिफेंस फेल, 100 से ज्यादा घायल, भड़के नेतन्याहू

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ईरान का इजरायल के परमाणु संयंत्र और दो शहरों पर हमला, एयर डिफेंस फेल, 100 से ज्यादा घायल, भड़के नेतन्याहू
ईरान द्वारा इजरायल के शहरों हमले के बाद भारी क्षति हुई.

Iran Israel War: ईरान ने अपने न्यूक्लियर फैसेलिटी पर हुए हमले का जवाब इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र पर अटैक करके दिया है. शनिवार शाम डिमोना शहर में एक रिहायशी इलाके पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से कम से कम 47 लोग घायल हो गए.  इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा मैगन डेविड एडोम (MDA) के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों को तुरंत इलाज की जरूरत पड़ी. घायलों में छर्रे लगने के मामले, शेल्टर की ओर भागते समय लगी चोटें और कई लोग घबराहट से परेशान हो गए.

डिमोना में इजरायल का ‘शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर’ है. यह शहर अपने परमाणु अनुसंधान केंद्र और वहां बने गुंबदनुमा ढांचे के कारण जाना जाता है. नेगेव रेगिस्तान में स्थित इजरायल का यह परमाणु रिएक्टर और रिसर्च सेंटर यरूशलेम से करीब 90 किलोमीटर दूर है. माना जाता है कि इजरायल यहां से न्यूक्लियर वीपन प्रोग्राम संचालन करता है, लेकिन उसने कभी इसे स्वीकार नहीं किया है. इजरायल के मुताबिक यहां पर केवल रिसर्च ही किया जाता है. 

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने रविवार को स्पष्ट किया कि उसे नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी भी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है. एजेंसी ने यह भी कहा कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और डिमोना में हुई घटना से पूरी तरह अवगत है.

अराद-डिमोना में हमलों के बाद आंकड़ा 100 के पार

डिमोन में हुए अटैक के कुछ घंटों बाद दक्षिणी इजरायल के ही अराद और डिमोना पर फिर मिसाइल हमले हुए, जिससे कुल घायलों की संख्या 100 से अधिक हो गई. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, अराद में 75 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है. वहीं, डिमोना में 33 लोगों का इलाज किया गया. इजरायल के विदेश विभाग ने घटना के बाद की स्थिति को बयान करने के लिए फोटोड जारी किए.

रिहायशी इलाकों में भारी तबाही

राहत एजेंसियों के अनुसार, दोनों शहरों में रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा. कई मकान आंशिक या पूरी तरह तबाह हो गए और मिसाइल गिरने से बड़े गड्ढे बन गए. फायरफाइटर्स ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्टर मिसाइलें दागीं, लेकिन वे भारी वॉरहेड ले जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहीं. इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है.

वीडियो में देखा जा सकता है कि ईरानी मिसाइल को रोकने में इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम फेल हो गया. 32 सेकेंड के वीडियो में एक मिसाइल सीधे बिल्डिंग से आकर टकराती है और जोरदार धमाका होता है. हमले के बाद धुएं का गुबार उठता है. हालांकि, यह वीडियो हमले से काफी दूर से रिकॉर्ड किया गया है, इसलिए बाद की परिस्थिति का अंदाजा नहीं लग पाया. 

इजरायल का ‘आयरन डोम’ और ‘एरो’ जैसे अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया में सबसे प्रभावी माने जाते हैं, लेकिन हालिया हमले में ये ईरान की नई मिसाइल तकनीक के सामने असहाय दिखे. बताया जा रहा है कि ईरान ने बेहद सटीक निशाना लगाने वाली ‘पिनपॉइंट’ मिसाइल का इस्तेमाल किया, जो रडार से बचते हुए सीधे लक्ष्य तक पहुंची. यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि इजरायल की सुरक्षा और अस्तित्व के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

मिसाइल इंटरसेप्शन में नाकामी की जांच

इजरायली सेना इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने स्वीकार किया कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय थे, लेकिन मिसाइलों को रोकने में असफल रहे. सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन के अनुसार, इस विफलता की जांच की जाएगी और भविष्य में सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे.

घायलों की स्थिति: कई गंभीर, बच्चे भी शामिल

MDA के अनुसार, घायलों में 10 लोग गंभीर, 13 मध्यम और 48 हल्की चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती हैं. डिमोना में एक 10 वर्षीय बच्चा छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ. वहीं, एक महिला कांच के टुकड़ों से जख्मी हुई और कई लोग शेल्टर की ओर भागते समय गिरकर घायल हुए.

इजरायल सरकार की प्रतिक्रिया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अराद के मेयर से बात कर हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, ‘यह हमारे भविष्य की लड़ाई में एक बेहद कठिन समय है. हम घायलों के साथ खड़े हैं और हर जरूरी मदद पहुंचाई जाएगी.’ उन्होंने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील भी की. 

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इस समय मौके पर काम कर रही आपातकालीन और बचाव टीमों का हौसला बढ़ाता हूं और सभी से होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करने की अपील करता हूं. हम हर मोर्चे पर अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के लिए दृढ़ हैं.’ वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और यायर लापिड ने भी हमलों की कड़ी निंदा की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और इसे ‘युद्ध अपराध’ करार दिया. हमले के बाद अराद में करीब 150 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

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हमलों के पीछे की वजह

ईरान ने हाल के दिनों में इजरायल पर कई मिसाइल हमले किए हैं. इन्हें 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियानों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई उसके नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर हुए कथित हमलों की प्रतिक्रिया भी है.

ईरान ने अपने फैसेलिटी पर हमले को इजरायल की बहुत बड़ी गलती बताया था. शनिवार को उसके इस संयंत्र- ‘शाहिद अहमदी-रोशन नतान्ज़ संवर्धन केंद्र’ पर तीसरी बार अटैक किया गया. पिछले साल जून में अमेरिका ने हमला किया था. फिर 28 फरवरी को भी अमेरिका और इजरायल ने दोबारा हमला किया और फिर शनिवार, 21 मार्च को फिर से अटैक किया गया. हालांकि, इजरायल ने शनिवार के हमले से इनकार किया था. 

तीन हमलों के बाद भी ईरान का यह संयंत्र अब भी सुरक्षित है. बिल्डिंग को तो नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन रैडिएशन के लिहाज से अभी कोई खतरा नहीं है. IAEA ने इसकी पुष्टि की है. 

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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