मशीन दुर्घटना से बेकार हुआ हाथ फिर हो गया सक्रिय, डॉ संजय कुमार ने लौटाया मरीज का आत्मविश्वास

UP News: प्रयागराज निवासी विकास कुमार की जिंदगी उस समय बदल गई जब कार्यस्थल पर मशीन दुर्घटना में उनके दाहिने हाथ की उंगली बुरी तरह कुचल गई. उंगली पूरी तरह विकृत हो चुकी थी और हाथ लगभग निष्क्रिय हो गया था. हर तरफ से निराश होकर मरीज ने अंतिम उम्मीद के तौर पर रेलवे के प्रख्यात जनरल सर्जन डॉ संजय कुमार से गैर-रेलवे रोगी के रूप में संपर्क किया. डॉ. संजय कुमार के ट्रिटमेंट के बाद मरीज की उंगली की कार्यक्षमता लगभग सामान्य स्तर पर लौट आई है.

By Pritish Sahay | February 12, 2026 9:37 PM

UP News: प्रयागराज निवासी विकास कुमार की जिंदगी उस समय बदल गई जब कार्यस्थल पर मशीन दुर्घटना में उनके दाहिने हाथ की उंगली बुरी तरह कुचल गई. उंगली पूरी तरह विकृत हो चुकी थी और हाथ लगभग निष्क्रिय हो गया था. रोजमर्रा के काम असंभव हो गए, समाज में आत्मविश्वास टूट गया और मानसिक पीड़ा गहराती चली गई. चोट की गंभीरता को देखते हुए कई बड़े अस्पतालों एवं सर्जनों ने पूर्ण सुधार की संभावना न होने की बात कहते हुए सर्जरी से इनकार कर दिया. निराश होकर मरीज ने अंतिम उम्मीद के तौर पर रेलवे के प्रख्यात जनरल सर्जन डॉ संजय कुमार से गैर-रेलवे रोगी के रूप में संपर्क किया.

सघन परीक्षण के बाद डॉ संजय कुमार ने दिनांक 11/2/26को लगभग दो घंटे तक चली अत्यंत जटिल पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा कर विकृत उंगली को सफलतापूर्वक ठीक किया. इस कठिन ऑपरेशन के बाद मरीज की उंगली की कार्यक्षमता लगभग सामान्य स्तर पर लौट आई, जिससे उसके जीवन में फिर से आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ.

इस सफल सर्जरी में सिस्टर इंचार्ज मंजू सोनकर, स्टाफ नर्स अंकिता तथा मेडिकल असिस्टेंट मूलचंद, आरती एवं रोमेश की अहम भूमिका रही. पूरी टीम के समन्वित प्रयास से यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन बिना किसी जटिलता के संपन्न हुआ. मरीज विकास कुमार ने भावुक होकर कहा कि “मैंने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन डॉ संजय कुमार ने मुझे नया जीवन दिया.”

यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रयागराज में विश्वस्तरीय शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं. डॉ संजय कुमार ने कहा कि समय पर विशेषज्ञ उपचार से ऐसी औद्योगिक दुर्घटनाओं में स्थायी विकलांगता को रोका जा सकता है.