ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने एंटरटेनमेंट की दुनिया को एक्सप्लोर करने का एक नया रास्ता बनाया है. जहां हमें अपने पसंद की फिल्में, वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और ड्रामा एक सिंगल क्लिक में मिल जाती है. इन्हें जब चाहें, जहां चाहें एंजॉय कर सकते हैं, बशर्ते आपके पास इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध हो. ओटीटी की शुरुआत साल 2000 से हो गई थी. लेकिन इसका चलन उसके दस साल बाद यानी 2010 से तेज हुआ है.
ओटीटी का पहला प्लेटफॉर्म यूट्यूब है, जिसकी खोज साल 2005 में हुई थी. इसके दो साल बाद साल 2007 में नेटफ्लिक्स लॉन्च हुआ. नेटफ्लिक्स के बाद ओटीटी के चलन में तेजी आई. इसके एक साल बाद साल 2008 में हुलू लॉन्च किया गया. नेटफ्लिक्स पर जो पहला वीडियो स्ट्रीम हुआ था, वो ‘द डार्क नाइट’ और टीवी शो ‘द ऑफिस’ था. जबकि, हुलू प्लेटफॉर्म पर पहला कंटेंट टीवी शो NBC और Fox के एपिसोड्स थे.
ओटीटी बाकी डिजिटल मीडिया की तरह दुनिया को एक साथ मनोरंजन के माध्यम से जोड़े रखने का काम करता है. पिछले कई सालों में ओटीटी प्लेटफॉर्स के यूजर्स में उछाल आया है. इसका मुख्य कारण इसका कम दाम में बेहतर और कई वैरायटी के कंटेंट देना है. यही वजह है कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म के नाम पर हमारे पास यूट्यूब, नेटफ्लिक्स और हुलू ही नहीं बल्कि अमेजॉन प्राइम, जिओ सिनेमा, जी 5, एप्पल टीवी, डिज्नी प्लस हॉटस्टार समेत कई मौजूद हैं.