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झारखंड बजट : आम जरूरतों को महत्व बिजली से लेकर सड़क तक होंगी दुरुस्त

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झारखंड बजट : आम जरूरतों को महत्व बिजली से लेकर सड़क तक होंगी दुरुस्त

रांची : राज्य सरकार ने सड़क, बिजली की नयी आधारभूत संरचना की घोषणा तो नहीं की है. पर पुरानी जो भी संरचना है, उसे दुरुस्त करने की बात कही है. बिजली में जहां लोगों को 100 यूनिट फ्री बिजली दी जायेगी. वहीं बिजली की आधारभूत संरचनाओं पर जोर दिया गया है. ग्रिडों से लेकर ट्रांसफारमर और उपभोक्ताओं के घरों तक स्मार्ट मीटर लगाने की बात कही गयी है.

बिजली के लिए एक कंट्रोल सिस्टम भी बनेगा. सरकार ने पूरी बिजली संरचना की सर्वे कराने की बात कही है. आवश्यकता आधारित ही योजना बनाने पर जोर दिया है, ताकि डुप्लीकेसी न हो सके. बिजली की अाइटी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरूस्त करने की बात भी कही गयी है. 1100 सोलर स्ट्रील भी लगाये जायेंगे. सरकार ने सौर ऊर्जा पर जोर देते हुए 24 सोलर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण करेगी. साथ ही संस्थानों एवं छात्रावासों में सोलर गीजर की व्यवस्था भी की जायेगी. हालांकि सरकार ने इस बार ऊर्जा विभाग के बजट में 600 करोड़ के करीब कटौती की है.

सड़कों की बात करें तो राज्य सरकार इस बार लोहरदगा व गुमला बाइपास का निर्माण करायेगी. दोनों बाइपास के बन जाने से जाम से मुक्ति मिल सकेगी. इसके साथ ही प्रमुख शहरों में जाम से निजात दिलाने की दिशा में काम करने जा रही है. इस बार सड़क की नयी योजनाएं कम ली गयी है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के आवासों में इस बार लाभुकों को 50 हजार रुपये अतिरिक्त राशि दी जायेगी. उन्हें आवास के लिए पूर्व में 1.20 लाख रुपये मिलते थे. 50 हजार रुपये अतिरिक्त मिलने से यह अनुमान लगाया जा रहा है.

निर्माण के क्षेत्र में तेजी आयेगी. लोग अपना मकान बना सकेंगे. इस साल सरकार ने झारखंड जलछाजन योजना के अंतर्गत 1.50 लाख हेक्टेयर भूमि का ट्रीटमेंट किया जायेगा. जिसमें कुल 307 प्रखंडों 141 ग्राम पंचायत तथा 744 ग्राम सम्मिलित हैं. जोहार योजना से भी 50 हजार अतिरिक्त परिवारों को आय से जोड़ा जायेगा. सरकार ने ग्रामीण सड़क के लिए चार हजार किमी सड़क बनाने का टारगेट रखा है. साथ ही 75 पुल बनाने की बात भी कही है.

इस बार के बजट में पेयजल विभाग द्वारा सात लाख घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. पेयजल विभाग में कोई नयी योजना नहीं ली गयी है. पुरानी योजनाओं को ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. आदिम जनजाति के इलाकों में सौर ऊर्जा आधारित मिनी जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण पर जोर दिया गया है. साथ ही मुख्यमंत्री जन जल योजना के तहत एससी/एसटी टोलों में कुल 12386 सौर ऊर्जा आधारित मिनी जलापूर्ति योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्धत कराने की प्रतिबद्धता जतायी है. इसके लिए राज्यभर के डेढ़ लाख जल स्त्रोंतों की जांच जलसहिया के सहयोग से करायी जायेगी.

शहरी क्षेत्र में हर घर में नल से जल पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया है. जिसे 2024 तक पूरा करना है. 15 निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट चालू करने की बात कही गयी है. शहरी परिवहन के लिए रांची के साथ-साथ धनबाद एवं जमशेदपुर में भी पीपीपी मोड पर आइएसबीटी निर्माण कराने, ट्रांसपोर्ट नगर बसाने, वेंडर मार्केट बनाने की बात कही गयी है. इस साल शहरी क्षेत्र में 40 हजार अतिरिक्त घरों की स्वीकृति दी जायेगी.

अफोर्डबल हाउसिंग के तहत ऐसे लोगों को घर उपलब्ध कराया जायेगा, जिनके पास अपनी भूमि नहीं है. यानी उन्हें फ्लैट बनाकर दिया जायेगा. छह शहरों में भी अाधुनिक बस पड़ाव बनाने की बात है. मेदिनीनगर, गढ़वा, साहेबगंज, दुमका, चाईबासा, देवघर एवं गिरिडीह शहरों के भी समेकित विकास की बात कही गयी है. कुल मिला कर सरकार ने आधारभूत संरचनाओं पर जोर दिया है कहा जा सकता है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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