[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology क्या रातभर Wi-Fi चालू रखना आपकी सेहत के लिए हानिकारक है? सच जानकर हैरान रह जाएंगे

क्या रातभर Wi-Fi चालू रखना आपकी सेहत के लिए हानिकारक है? सच जानकर हैरान रह जाएंगे

0
क्या रातभर Wi-Fi चालू रखना आपकी सेहत के लिए हानिकारक है? सच जानकर हैरान रह जाएंगे
wifi safety / symbolic ai pic

आज के समय में इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. घर हो या ऑफिस, हर जगह Wi-Fi राउटर 24 घंटे चालू रहता है. लेकिन कई लोगों के मन में एक सवाल बार-बार उठता है- क्या रात में Wi-Fi ऑन रखकर सोना सेहत के लिए खतरनाक है? सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह के डर और अफवाहें फैली हुई हैं. आइए जानते हैं कि इसके पीछे की सच्चाई क्या है.

Wi-Fi से जुड़ा डर: सच या सिर्फ भ्रम?

लोगों के बीच सबसे आम डर यह है कि Wi-Fi से निकलने वाले सिग्नल शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं या कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं. लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च इस दावे को सही नहीं मानती.

Wi-Fi में इस्तेमाल होने वाली तरंगें नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन होती हैं, जो शरीर के सेल्स को नुकसान नहीं पहुंचातीं. यही तकनीक रेडियो और टीवी सिग्नल्स में भी इस्तेमाल होती है, जो दशकों से हमारे आसपास मौजूद हैं.

कितनी ताकत होती है Wi-Fi सिग्नल में?

असल में Wi-Fi राउटर बहुत कम पावर पर काम करता है. इसकी तुलना अगर घर में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव ओवन से करें, तो माइक्रोवेव लगभग 1000 गुना ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल करता है.

इतना ही नहीं, जैसे-जैसे आप राउटर से दूर जाते हैं, उसका सिग्नल और कमजोर होता जाता है. यानी कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद इसका असर लगभग ना के बराबर रह जाता है.

क्या शरीर पर पड़ता है कोई असर?

कुछ लोग कहते हैं कि Wi-Fi के पास रहने से सिर दर्द या शरीर गर्म महसूस होता है. लेकिन वैज्ञानिक तौर पर यह साबित नहीं हुआ है. Wi-Fi की ऊर्जा इतनी कम होती है कि यह शरीर का तापमान बढ़ाने में सक्षम ही नहीं है.

हैरानी की बात यह है कि आपके कमरे की लाइट या सूरज की रोशनी में Wi-Fi से कहीं ज्यादा ऊर्जा होती है. अगर Wi-Fi खतरनाक होता, तो रोशनी में बैठना उससे ज्यादा जोखिम भरा होता.

एक्सपर्ट्स की राय क्या कहती है?

World Health Organization समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने सालों तक रिसर्च करने के बाद साफ कहा है कि Wi-Fi सेहत के लिए हानिकारक होने का कोई ठोस सबूत नहीं है.

इसका मतलब साफ है- रात में Wi-Fi चालू रखना किसी गंभीर स्वास्थ्य खतरे से जुड़ा नहीं है.

फिर भी क्यों लोग बंद करते हैं Wi-Fi?

हालांकि सेहत के लिहाज से Wi-Fi बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ लोग बिजली बचाने या डिजिटल डिटॉक्स के लिए इसे रात में बंद कर देते हैं.

अगर आप बेहतर नींद चाहते हैं, तो सोने से पहले मोबाइल और इंटरनेट से दूरी बनाना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.

यह भी पढ़ें: क्या ज्यादा एंटीना वाला WiFi राउटर फास्ट इंटरनेट देता है? घर में लगवाने से पहले जानें सच्चाई

Previous article bhagalpur news. छूटे वार्डों के लिए पार्षदों से मांगे प्रस्ताव, जल-जमाव पर रहा विशेष फोकस
Next article PBKS vs LSG: इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर कर पंजाब ने LSG को 54 रनों से रौंदा
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel