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Home Technology पुराने फोन की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? जानिए वजह और फिक्स के तरीके

पुराने फोन की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? जानिए वजह और फिक्स के तरीके

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पुराने फोन की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? जानिए वजह और फिक्स के तरीके
पुराने फोन स्लो क्यों हो जाते हैं

जब हम नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो इसका परफॉर्मेंस कमाल का होता है. सब कुछ फास्ट चलता है, ऐप्स बिना किसी रुकावट के खुलते हैं, गेम्स स्मूथली चलते हैं, और कैमरा जल्दी क्लिक करता है. लेकिन कुछ महीनों या एक ढेड़ साल बाद, वही फोन धीरे-धीरे स्लो होने लगता है. आखिर ऐसा होता क्यों है? क्या कंपनियां इसे जानबूझकर करती हैं? या इसके पीछे कुछ और वजहें हैं? आइए इसे समझते हैं.

थर्मल थ्रॉटलिंग

फोन ज्यादा गरम हो गया है? तो समझिए कि उसने अपनी स्पीड अपने आप कम कर दी है. इसे कहते हैं थर्मल थ्रॉटलिंग. जब फोन का प्रोसेसर ओवरहीट हो जाता है, तो वो अपने आप स्लो हो जाता है ताकि खुद को नुकसान से बचा सके. और जैसे-जैसे फोन पुराना होता है, उसका कूलिंग सिस्टम उतना अच्छा काम नहीं करता. यही वजह कि थ्रॉटलिंग और बढ़ जाती है.

स्टोरेज फुल होना या खराब होना

आपके 256GB वाले फोन का भी स्पीड स्लो हो सकता है अगर स्टोरेज 90% से ज्यादा फुल हो जाए. जितना ज्यादा डेटा, उतनी स्लो रीड-राइट स्पीड. बार-बार फाइल सेव करना और डिलीट करना स्टोरेज को धीरे-धीरे खराब कर देता है, और फिर फोन लैग करने लगता है.

बैटरी की सेहत खराब होना

बैटरी भी लाइफ के साथ थक जाती है. जैसे-जैसे बैटरी की हेल्थ खराब होती है, वैसे-वैसे फोन की परफॉर्मेंस भी स्लो होने लगती है. कभी-कभी फोन जानबूझकर स्लो हो जाता है ताकि बैटरी की खपत कम हो सके.

भारी अपडेट्स

अक्सर नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स नए फोन को ध्यान में रखकर बनते हैं. पुराने फोन उन नए फीचर्स को आसानी से हैंडल नहीं कर पाते. इसलिए फोन स्लो हो जाता है. कई बार कंपनियां जानबूझकर ऐसे अपडेट्स लाती हैं, ताकि लोग नया फोन खरीदने के बारे में सोचें.

ऐप्स के बढ़ते फीचर्स

अब WhatsApp, Instagram, Facebook जैसे ऐप्स पहले से कहीं भारी हो गए हैं. पुराने फोन इन भारी ऐप्स को चलाने में ज्यादा मेहनत करते हैं, इसलिए फोन की स्पीड धीरे हो जाती है.

यह भी पढ़ें: Bluetooth और WiFi हमेशा ऑन रखने से क्या बैटरी जल्दी खत्म होती है? जानें सच्चाई

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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