WhatsApp में अब आएंगे स्टेटस एड्स और प्रमोटेड चैनल्स, यूजर कर सकते हैं स्किप या ब्लॉक

WhatsApp ने अब दुनिया भर में Status Ads और Promoted Channels लॉन्च करने की घोषणा की है. इसका मकसद है कि बिजनेस अपने नए कस्टमर्स तक आसानी से पहुंच सके. आइए इसके बारे में आपको बताते हैं.

By Ankit Anand | February 28, 2026 6:30 PM

WhatsApp अब धीरे-धीरे अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में बिजनेस टूल्स जोड़ रहा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि इससे यूजर की प्राइवेसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कंपनी ने ऐलान किया है कि वह दुनिया भर में स्टेटस ऐड्स (Status ads) और प्रमोटेड चैनल्स (promoted channels) लॉन्च करने जा रही है. इस अपडेट का मकसद ये है कि यूजर्स को ऐप के अंदर ही बिजनेस और कंटेंट चैनल्स ढूंढना पहले से ज्यादा आसान हो जाए. साथ ही WhatsApp ने भरोसा दिलाया है कि आपकी पर्सनल चैट्स और कॉल्स पूरी तरह सेफ रहेंगी. आइए इसके बारे में डिटेल में समझते हैं.

स्टेटस ऐड्स (Status ads) क्या है?

अब WhatsApp में स्टेटस ऐड्स आने वाले हैं. ये नए प्रमोटेड चैनल और ऐड्स आपको अपडेट्स (Updates) टैब में दिखेंगे. यानी स्टेटस पोस्ट और चैनल्स दोनों इसी टैब में मिलेंगे. खास बात ये है कि ये ऐड्स साफ-साफ मार्क किए होंगे, ताकि यूजर आसानी से पहचान सकें कि ये सिर्फ ऐड्स हैं. इन्हें स्वाइप करके स्किप भी किया जा सकेगा, बिल्कुल वैसे ही जैसे हम नॉर्मल Status अपडेट्स में करते हैं.

कंपनी की कोशिश है कि बिजनेस प्रमोशन और यूजर की सुविधा के बीच स्टेबिलिटी बना रहे. अगर कोई यूजर किसी बिजनेस के ऐड्स बार-बार या अनचाहे तरीके से देखता है, तो वो उन्हें ब्लॉक या छुपाने का ऑप्शन भी मिलेगा.

कंपनी ने कहा है कि Status अपडेट, कॉल्स और चैट्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगे. इसका मतलब है कि आपकी मैसेजिंग पूरी तरह से सेफ रहेगी और इन्हें ऐड्स के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. कुछ देशों में, यूजर को एड-फ्री एक्सपीरियंस के लिए सब्सक्रिप्शन लेने का ऑप्शन भी मिलेगा. यानी अगर आप चाहें तो Updates फीड में ऐड्स बिल्कुल नहीं दिखेंगे. लेकिन ये सुविधा हर जगह नॉर्मल रूप से उपलब्ध नहीं होगी.

ग्रुप चैट हिस्ट्री फीचर क्या है?

WhatsApp ने हाल ही में ग्रुप चैट हिस्ट्री फीचर ऐड किया है. ये फीचर ग्रुप चैट हिस्ट्री आपके ग्रुप चैट्स को और आसान बना देता है. अब जब कोई नया मेंबर ग्रुप में जुड़ता है, तो उसे पहले की बातचीत समझने में आसानी होती है. ग्रुप के एडमिन या मेंबर पुराने मैसेज (25 से 100 तक) नए मेंबर के साथ शेयर कर सकते हैं. इससे ग्रुप की बातचीत का कॉन्टेक्स्ट बना रहता है और नए मेंबर भी जल्दी कनेक्ट हो जाते हैं.

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