[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology मोबाइल फोन के सोर्स कोड शेयर करने वाली रिपोर्ट निकली भ्रामक, सरकार ने PIB फैक्ट-चेक के जरिए X पर किया पोस्ट

मोबाइल फोन के सोर्स कोड शेयर करने वाली रिपोर्ट निकली भ्रामक, सरकार ने PIB फैक्ट-चेक के जरिए X पर किया पोस्ट

0
मोबाइल फोन के सोर्स कोड शेयर करने वाली रिपोर्ट निकली भ्रामक, सरकार ने PIB फैक्ट-चेक के जरिए X पर किया पोस्ट
Smartphone Source Code PIB Fact Check

Smartphone Source Code: कल यानी 11 जनवरी को रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दवा किया गया था कि भारत एक ऐसा प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है, जिसमें स्मार्टफोन कंपनियों को सोर्स कोड शेयर करना जरूरी होगा. सरकार ने उस रिपोर्ट को लेकर चुप्पी थोड़ी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर PIB Fact Check ने साफ कहा कि यह दावा झूठा है और सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है. वहीं Reuters की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत सरकार Apple, Samsung और Xiaomi जैसी कंपनियों से डिवाइस का सोर्स कोड मांगने वाला नया सुरक्षा नियम लाने वाली है.

रिपोर्ट को सरकार ने बताया भ्रामक

PIB ने साफ किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) मोबाइल सिक्योरिटी के लिए सही नियम बनाने को लेकर अलग-अलग लोगों और कंपनियों से बातचीत शुरू कर चुका है. यह इंडस्ट्री के साथ होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, ताकि सेफ्टी से जुड़े स्टैंडर्ड तय किए जा सकें. पीआईबी की फैक्ट-चेक टीम ने स्पष्ट किया है कि अभी इस रूटीन स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन पर कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है. यानी स्मार्टफोन के सोर्स कोड को लेकर जो खबरें फैल रही हैं, वे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं.

क्या होता है स्मार्टफोन के सोर्स कोड ?

मोबाइल फोन का सोर्स कोड असल में वह फाइलों का सेट होता है जिसे कोई प्रोग्रामर लिखता है. इसे Python, Java या C++ जैसी भाषा में लिखा जाता है जिसे इंसान पढ़ सके. आसान शब्दों में कहें तो ये कंप्यूटर को बताता है कि उसे हर काम कैसे करना है यानी इसका ‘ब्लूप्रिंट’ कैसे होगा. यही कोड फोन के अलग‑अलग सेंसर और फीचर्स को चलाता है. इसलिए कंपनियां इसे बहुत सीक्रेट रखती हैं, क्योंकि इसमें फोन की सेफ्टी से जुड़ी अहम जानकारी छुपी होती है.

यह भी पढ़ें: UPI से निकलेगा PF का पैसा, EPFO ने बदल डाला पुराना नियम

Previous article Pyaz Saag Pakora Recipe: सर्दियों की शाम को खास बना देंगे गरमा-गरम चाय के साथ ये प्याज साग पकौड़े, जानें बनाने की विधि
Next article Bread Pakora Tips: ब्रेड पकोड़ा बनाते समय की करते है ये गलतियां, तभी तो पी जाता है लीटर भर तेल
Avatar Of Ankit Anand
अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel