Train Ticket Booking: बदल गया ट्रेन टिकट बुक करने का तरीका, UTS छोड़ RailOne बना नया टिकटिंग प्लैटफॉर्म

Train Ticket Booking: 1 मार्च 2026 से UTS ऐप हो रहा बंद. सभी सेवाएं RailOne पर शिफ्ट. जानिए आपके R-Wallet बैलेंस का क्या होगा और कैसे मिलेगा रिफंड

By Rajeev Kumar | March 1, 2026 12:39 PM

भारतीय रेलवे ने बड़ा बदलाव किया है. 1 मार्च 2026 से UTS टिकट बुकिंग ऐप पूरी तरह बंद किया जा रहा है और इसकी सभी सेवाएं अब नये RailOne ऐप पर उपलब्ध होंगी. UTS ऐप का इस्तेमाल केवल अनारक्षित टिकट, लोकल ट्रेन टिकट और प्लैटफॉर्म टिकट के लिए किया जाता था. अब यात्रियों को RailOne ऐप डाउनलोड करना होगा.

RailOne ऐप में क्या मिलेगा नया?

RailOne को जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था. इसमें एक ही जगह पर सभी यात्री सेवाएं मिलेंगी.

RailOne ऐप के फीचर्स:

  • अनारक्षित टिकट बुकिंग (R-Wallet से 3% डिस्काउंट)
  • लाइव ट्रेन ट्रैकिंग
  • ई-कैटरिंग, कुली बुकिंग और टैक्सी सुविधा
  • शिकायत निवारण प्रणाली.

आरक्षित टिकट की बुकिंग पहले की तरह IRCTC पर ही होगी.

R-Wallet का पैसा क्या होगा?

रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) ने स्पष्ट किया है कि R-Wallet बैलेंस RailOne ऐप में ट्रांसफर हो जाएगा. इसके लिए RailOne पर वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना होगा, जो UTS ऐप में रजिस्टर्ड था. अगर मोबाइल नंबर बदलते हैं तो बैलेंस ट्रांसफर नहीं होगा.

भारतीय रेलवे ने किया बड़ा बदलाव: uts से railone तक

R-Wallet बैलेंस बदलना या सरेंडर करना

R-Wallet बैलेंस नॉन-ट्रांसफरेबल है. इसका विकल्प यह है कि आप टिकट खरीदकर बैलेंस खत्म करें या फिर “Profile → Surrender Wallet” विकल्प चुनें. सरेंडर करने पर एक कोड मिलेगा, जिसे UTS काउंटर पर दिखाना होगा. यहां बैलेंस रिफंड हो जाएगा, लेकिन ₹30 क्लर्केज चार्ज कटेगा.

RailOne क्यों खास है?

  • एक ही ऐप से सभी रेलवे सेवाओं का उपयोग.
  • mPIN या बायोमेट्रिक से लॉगिन.
  • UTS और RailConnect क्रेडेंशियल्स भी सपोर्ट करता है.
  • जगह बचाने वाला ऐप- अलग-अलग ऐप्स इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं.

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