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AI सेक्टर से जुड़ी यह खबर पढ़कर आपका दिल गार्डेन-गार्डेन हो जाएगा

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AI सेक्टर से जुड़ी यह खबर पढ़कर आपका दिल गार्डेन-गार्डेन हो जाएगा
भारतीय आईटी दिग्गजों का एजेंटिक एआई पर बड़ा दांव / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

भारतीय आईटी कंपनियां अब पारंपरिक एआई टूल्स से आगे बढ़कर एजेंटिक एआई (Agentic AI) को अपनाने में सबसे आगे निकल रही हैं. एक ताजा सर्वेक्षण में सामने आया है कि भारत की कंपनियां इसे केवल दक्षता बढ़ाने का साधन नहीं मान रही, बल्कि भविष्य के कारोबारी मॉडल की रीढ़ के रूप में देख रही हैं. यह रुझान वैश्विक स्तर पर भारत को अलग पहचान देता है और आईटी सेक्टर के पेशेवरों और निवेशकों के लिए बेहद अहम है.

प्रौद्योगिकी परामर्श कंपनी थॉटवर्क्स ने सात देशों के 3,500 वरिष्ठ अधिकारियों पर आधारित सर्वेक्षण किया, जिसमें भारत से 500 प्रतिभागी शामिल थे. रिपोर्ट बताती है कि 48 प्रतिशत भारतीय आईटी दिग्गजों ने एजेंटिकएआई को अपनी प्राथमिकता माना है. अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे पश्चिमी बाजार अभी भी पारंपरिक दक्षता सुधार पर केंद्रित हैं, जबकि भारत इस नयी दिशा में सबसे आगे है.

सर्वेक्षण में 93 प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने माना कि एआई का सबसे बड़ा असर लोगों के कौशल और काम की गति को बढ़ाने में है. खास बात यह रही कि 86 प्रतिशत ने एआई को प्रतिभा का विकल्प नहीं बल्कि उसे और निखारने वाला साधन बताया. इसका सीधा मतलब है कि भारतीय आईटी सेक्टर में एआई को नौकरी छीनने वाले खतरे के बजाय सहयोगी तकनीक के रूप में देखा जा रहा है.

एजेंटिकएआई ऐसे स्वायत्त सिस्टम हैं जो स्वतंत्र रूप से तर्क कर सकते हैं और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं. भारत में इसका तेजी से अपनाया जाना यह संकेत देता है कि कंपनियां केवल प्रोडक्टिविटी टूल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं, बल्कि एआई-आधारित कारोबारी ढांचे की ओर बढ़ रही हैं. यह बदलाव नीति निर्माताओं के लिए भी संकेत है कि एआई को केवल ऑटोमेशन के नजरिये से नहीं, बल्कि नवाचार और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से देखना होगा.

आईटी उद्योग के जानकार मानते हैं कि भारत का यह रुझान वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसे बढ़त दिला सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे नौकरियों को मानव-एआई सहयोग के लिए फिर से तैयार किया जा रहा है, भूमिकाओं में वृद्धि हो रही है. 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि एआई के साथ काम करने से नयी जिम्मेदारियां और अवसर पैदा हो रहे हैं.

भारतीय आईटी सेक्टर का एजेंटिकएआई पर भरोसा यह दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में कंपनियां न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ाएंगी बल्कि नये कारोबारी मॉडल भी गढ़ेंगी. यह रुझान भारत को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी बना सकता है और प्रतिभा विकास के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी खोलेगा.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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