[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology वॉटर हीटर गीजर में क्यों हो जाता है ब्लास्ट? जानें ऐसे हादसों से बचने के उपाय

वॉटर हीटर गीजर में क्यों हो जाता है ब्लास्ट? जानें ऐसे हादसों से बचने के उपाय

0
वॉटर हीटर गीजर में क्यों हो जाता है ब्लास्ट? जानें ऐसे हादसों से बचने के उपाय
गीजर ब्लास्ट सेफ्टी टिप्स: जानें कैसे बचें हादसे से / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

Geyser Safety Tips: आंध्र प्रदेश में गैस सिलेंडर से जुड़े वॉटर गीजर के ब्लास्ट ने आठ लोगों को घायल कर दिया. यह हादसा सिर्फ एक घरेलू उपकरण की लापरवाही से जुड़ा नहीं है, बल्कि हर उस परिवार के लिए चेतावनी है जो गैस या इलेक्ट्रिक गीजर का इस्तेमाल करता है. बढ़ती घटनाएं दिखाती हैं कि सेफ्टी टिप्स को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है. यह खबर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए अहम है जो घरों में गीजर का इस्तेमाल करते हैं और सुरक्षा को लेकर लापरवाह रहते हैं.

सुरक्षा पर गंभीर सवाल

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के एक घर में गैस सिलेंडर से जुड़ा गीजर अचानक फट गया. धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि ब्लास्ट की तकनीकी वजह साफ नहीं हो पाई, लेकिन यह घटना घरेलू उपकरणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

प्रेशर बिल्ड-अप से खतरा

गीजर अब सिर्फ सुविधा का साधन नहीं रहा, बल्कि सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन चुका है. खासकर छोटे घरों और अपार्टमेंट्स में जहां वेंटिलेशन कम होता है, वहां गैस गीजर का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है. इलेक्ट्रिक गीजर भी अगर समय पर सर्विसिंग न करायी जाए, तो प्रेशर बिल्ड-अप से ब्लास्ट का खतरा रहता है. यह हादसा हर उस परिवार को चेतावनी देता है जो बिना जांच-पड़ताल के गीजर का इस्तेमाल करता है.

थर्मोस्टैट और प्रेशर वाल्व की जांच जरूरी

गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस सबसे बड़ा खतरा है. कई देशों में CO अलार्म लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन भारत में यह अभी तक पॉलिसी स्तर पर लागू नहीं हुआ है. इलेक्ट्रिक गीजर के मामले में थर्मोस्टैट और प्रेशर वाल्व की जांच जरूरी है. टेक्नोलॉजी कंपनियां अब स्मार्ट गीजर बना रही हैं जिनमें ऑटोमैटिक शटडाउन और अलर्ट सिस्टम होते हैं, लेकिन आम बाजार में अभी भी पुराने मॉडल ज्यादा बिकते हैं.

रेड और ग्रीन लाइट इंडिकेटर पर ध्यान दें

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि गीजर की सर्विसिंग हर छह महीने में करानी चाहिए. गैस पाइप और सिलेंडर कनेक्शन की जांच करना बेहद जरूरी है. इलेक्ट्रिक गीजर में पानी का लगातार टपकना प्रेशर की समस्या का संकेत है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यूजर्स को रेड और ग्रीन लाइट इंडिकेटर पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि थर्मोस्टैट खराब होने पर ब्लास्ट की संभावना बढ़ जाती है.

सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और सख्त बनाने जरूरी

इस घटना के बाद उम्मीद है कि सरकार और कंपनियां मिलकर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को और सख्त करेंगी. स्मार्ट गीजर और CO अलार्म जैसे उपकरणों को आम बाजार में सुलभ बनाना जरूरी है. यूजर्स को भी जागरूक होना होगा कि सुविधा के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता दें. आने वाले समय में घरेलू उपकरणों की सुरक्षा पर नयी गाइडलाइन और अपडेट्स देखने को मिल सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Air Fryer Cleaning Tips: एयर फ्रायर की डीप क्लीनिंग कैसे करें? जान लें सबसे आसान तरीका

यह भी पढ़ें: यूज के बाद गलती से भी सॉकेट में लगा न छोड़ें ये 5 डिवाइस, वरना जेब भी जलेगी और घर भी

Previous article Pongal Special Recipe Ideas: पोंगल के खास मौके पर ट्राई करें ये 7 साउथ इंडियन डिशेज, जो स्वाद में हैं लाजवाब
Next article Palak Matar Cutlet Recipe: पालक और मटर से प्यार करने लगेंगे बच्चे जब घर पर बनेगा ये टेस्टी कटलेट, शाम की भूख का हेल्दी इलाज
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel