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Home Technology Sanchar Saathi ऐप पर Apple की दो टूक, कहा- iPhone यूजर्स की प्राइवेसी से समझौता नहीं

Sanchar Saathi ऐप पर Apple की दो टूक, कहा- iPhone यूजर्स की प्राइवेसी से समझौता नहीं

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Sanchar Saathi ऐप पर Apple की दो टूक, कहा- iPhone यूजर्स की प्राइवेसी से समझौता नहीं
संचार साथी ऐप पर ऐपल ने क्या कहा?

भारत सरकार के आदेश पर स्मार्टफोन कंपनियों को अपने डिवाइस में राज्य-निर्मित साइबर सुरक्षा ऐप संचार साथी (Sanchar Saathi App) प्रीलोड करने का निर्देश मिला है. लेकिन Apple ने साफ कर दिया है कि वह इस आदेश का पालन नहीं करेगा. इस फैसले ने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक हलचल मचा दी है.

Apple का सख्त रुख (Apple on Sanchar Saathi App)

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple का कहना है कि वह दुनिया में कहीं भी ऐसे आदेश नहीं मानता क्योंकि इससे उसके iOS सिस्टम की सुरक्षा और प्राइवेसी पर खतरा पैदा होता है. कंपनी ने सरकार को अपनी आपत्तियां बताने का फैसला किया है, लेकिन अदालत जाने या सार्वजनिक बयान देने से फिलहाल बच रही है.

Sanchar Saathi App: सरकार का दावा, विपक्ष का हमला

टेलीकॉम मंत्रालय का कहना है कि यह ऐप चोरी हुए फोन को ट्रैक करने और ब्लॉक करने में मदद करेगा. लेकिन विपक्षी दलों ने इसे निगरानी का औजार करार दिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इस मुद्दे को उठाने की बात कही, जबकि पार्टी ने आदेश वापस लेने की मांग की है. सोशल मीडिया पर भी Big Brother Cannot Watch Us जैसे नारे गूंज रहे हैं.

यूजर्स को आजादी मिलेगी या नहीं?

टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है और यूजर्स चाहें तो इसे आसानी से डिलीट कर सकते हैं. हालांकि, गोपनीय आदेश में कंपनियों को इसे प्रीलोड करने और इसकी फंक्शनैलिटी को न हटाने का निर्देश दिया गया था. यही विरोध का सबसे बड़ा कारण बन रहा है.

Sanchar Saathi App: बाकी कंपनियों की स्थिति

Samsung और Xiaomi जैसी कंपनियां फिलहाल आदेश की समीक्षा कर रही हैं. Android आधारित सिस्टम में बदलाव करना आसान है, लेकिन Apple के बंद इकोसिस्टम में यह कदम लगभग असंभव माना जा रहा है. उद्योग जगत का कहना है कि सरकार ने बिना परामर्श के यह आदेश लागू कर दिया, जिससे विवाद और गहरा गया है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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