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Home Technology ईरान की लड़ाई में एआई से चढ़ाई, लेकिन इसने दुनिया की चिंता क्यों बढ़ाई?

ईरान की लड़ाई में एआई से चढ़ाई, लेकिन इसने दुनिया की चिंता क्यों बढ़ाई?

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ईरान की लड़ाई में एआई से चढ़ाई, लेकिन इसने दुनिया की चिंता क्यों बढ़ाई?
ईरान युद्ध में एआई का इस्तेमाल, नयी सैन्य रणनीति का दौर / फोटो पीटीआई और एक्स से

ईरान में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव ने युद्ध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को वैश्विक बहस का केंद्र बना दिया है. हाल ही में शुरू हुए सैन्य अभियान से ठीक पहले अमेरिकी सरकार ने अपने प्रमुख एआई सप्लायर को किनारे कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि तकनीकी प्रगति और नैतिक चिंताओं के बीच टकराव अब युद्धक्षेत्र तक पहुंच चुका है.

युद्ध में एआई का इस्तेमाल

अमेरिकी सेना पहले से ही एआई आधारित सिस्टम का उपयोग कर रही है. Maven Smart System जैसे प्लैटफॉर्म इमेज प्रॉसेसिंग और टारगेटिंग में मदद करते हैं, जिससे हमले तेज और अधिक सटीक हो जाते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पर हालिया हमलों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल हुआ. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि एआई की मौजूदगी के बावजूद नागरिक हताहतों की संख्या कम नहीं हुई है.

नैतिक और कानूनी विवाद

एआई संचालित हथियारों को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या इन्हें बिना मानवीय निगरानी के इस्तेमाल किया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि हथियारों को सैन्य और नागरिक लक्ष्यों में फर्क करना चाहिए. मौजूदा एआई तकनीक इस स्तर की विश्वसनीयता नहीं देती, जिससे यह कानूनी मानकों पर खरी नहीं उतरती.

अमेरिका और Anthropic का टकराव

इस विवाद का सबसे बड़ा उदाहरण अमेरिकी रक्षा विभाग और एआई कंपनी Anthropic के बीच हुआ टकराव है. Anthropic ने अपने मॉडल Claude पर ऐसे प्रतिबंध लगाये हैं कि उसे पूरी तरह स्वायत्त हथियारों या बड़े पैमाने पर निगरानी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सके. रक्षा विभाग ने इन शर्तों को हटाने की मांग की, लेकिन कंपनी ने इनकार कर दिया. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने Anthropic की तकनीक का उपयोग रोकने का आदेश दिया.

भविष्य की दिशा क्या होगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई युद्ध तकनीक का प्रसार अब लगभग तय है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम बनाने की कोशिशें धीमी हैं, जबकि तकनीकी विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है. यदि जल्द ही कोई वैश्विक समझौता नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में एआई आधारित युद्ध और भी व्यापक हो सकता है.

यह भी पढ़ें: Grok AI ने पहले ही बता दी थी ईरान पर हमले की तारीख? Elon Musk के रिएक्शन से सोशल मीडिया में हंगामा

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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