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पश्चिम बंगाल से दो सांसद बन सकते हैं मंत्री सांगठनिक स्तर पर भी हो सकता है बड़ा बदलाव

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पश्चिम बंगाल से दो सांसद बन सकते हैं मंत्री सांगठनिक स्तर पर भी हो सकता है बड़ा बदलाव

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बदलने की भी अटकलें तेज कोलकाता. लोकसभा चुनाव में राज्य में इस बार भाजपा के 12 उम्मीदवार ही जीत दर्ज कर सके. कयास यह लगाया जा रहा है कि एक या दो को मंत्री पद दिया जा सकता है. किन्हें मंत्री बनाया जा सकता है, यह फिलहाल साफ नहीं है. नामों को लेकर चर्चा हो रही है. इस बीच, कुछ सूत्र बताते हैं कि चार के मंत्री बनने की संभावना भी हो सकती है. 2014 में राज्य से दो सांसद निर्वाचित हुए थे. दार्जिलिंग से एसएस अहलुवालिया व आसनसोल से बाबुल सुप्रियो. दोनों ही केंद्र में मंत्री बनाये गये थे. 2019 में भाजपा के 18 सांसद चुने गये थे, लेकिन सिर्फ बाबुल व देबश्री चौधरी को ही मंत्री पद दिया गया था. लेकिन बाद में बाबुल सुप्रियो तृणमूल में शामिल हो गये. देबश्री को भी हटा दिया गया. 2021 के जुलाई महीने में मंत्रिमंडल में जब फेरबदल हुआ, तो बंगाल से चार सांसदों को मंत्री बनाया गया. इनमें जॉन बारला, निशीथ प्रमाणिक, सुभाष सरकार व शांतनु ठाकुर शामिल थे. बाद में जॉन बारला का टिकट काट दिया गया. वहीं, इस बार के लोकसभा चुनाव में दो मंत्री हार गये. सिर्फ शांतनु ठाकुर ही जीत पाये. भाजपा सूत्रों के मुताबिक इस बार दो सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता है. कई भाजपा नेताओं का कहना है कि शांतनु ठाकुर को फिर से मंत्री पद दिया जा सकता है. चुनावी नतीजे कुछ भी हों, मतुआ वोट भाजपा के पक्ष में रहा है. वहीं, तमलुक से चुनाव जीत कर आये पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गांगुली को भी मंत्री पद देने की अटकलें हैं. हालांकि यह भी चर्चा है कि उत्तर बंगाल के किसी सांसद को मंत्री पद दिया जा सकता है. इसमें अलीपुरदुआर से जीते मनोज टिग्गा का नाम भी सामने आ रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कैबिनेट मंत्री का पद देकर किसी और को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा कई नेताओं का पद छीन सकती है. प्रदेश भाजपा की जिम्मेदारी किसी नये नेता को सौंपी जा सकती है. पार्टी के सांगठनिक स्तर में भी भारी बदलाव के कयास लगाये जा रहे हैं.

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