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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता एक्शन मोड में चुनाव आयोग, हेलीकॉप्टर से पुरुलिया पहुंचे मनोज अग्रवाल, बोले- काउंटिंग सेंटर पर 24 घंटे ‘तीसरी आंख’ का पहरा

एक्शन मोड में चुनाव आयोग, हेलीकॉप्टर से पुरुलिया पहुंचे मनोज अग्रवाल, बोले- काउंटिंग सेंटर पर 24 घंटे ‘तीसरी आंख’ का पहरा

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एक्शन मोड में चुनाव आयोग, हेलीकॉप्टर से पुरुलिया पहुंचे मनोज अग्रवाल, बोले- काउंटिंग सेंटर पर 24 घंटे ‘तीसरी आंख’ का पहरा

West Bengal CEO Manoj Agrawal on Strong Room Security| पुरुलिया, हंसराज सिंह : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना (4 मई) से पहले चुनाव आयोग ने अपनी चौकसी और बढ़ा दी है. शुक्रवार सुबह राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल अचानक हेलीकॉप्टर से पुरुलिया पहुंचे. उन्होंने रघुनाथपुर कॉलेज और सिदो-कान्हू बिरसा यूनिवर्सिटी में बने स्ट्रांग रूम का सघन निरीक्षण किया.

टीएमसी की शिकायतें निराधार : मनोज अग्रवाल

टीएमसी के आरोपों के बीच मनोज कुमार अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा अभेद्य है. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है. जो शिकायतें की जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं. सीईओ ने कहा कि आरोप लगाने के लिए ठोस कारण और सबूत होने चाहिए. बिना किसी आधार के चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना गलत है.

पूरी तरह सुरक्षित हैं ईवीएम : मुख्य निर्वाचन अधिकारी

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच बंगाल के सीईओ का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी तरह की छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश नहीं है.

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हेलीकॉप्टर से पहुंचे CEO, ग्राउंड जीरो पर परखी सुरक्षा

मनोज कुमार अग्रवाल सुबह करीब 9 बजे रघुनाथपुर अनुमंडल खेल मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरे. वहां से वे सीधे जिला निर्वाचन पदाधिकारी सुधीर कोन्थम और पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी के साथ रघुनाथपुर कॉलेज पहुंचे. उन्होंने रघुनाथपुर, काशीपुर और पाड़ा विधानसभा क्षेत्रों के लिए बनाये गये स्ट्रांग रूम का बारीकी से निरीक्षण किया.

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मनोज अग्रवाल ने लिया CCTV कंट्रोल रूम का जायजा

मनोज अग्रवाल सीधे उस एलसीडी कक्ष में पहुंचे, जहां सीसीटीवी आउटपुट के जरिये 24 घंटे निगरानी की जा रही है. उन्होंने वहां मौजूद विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी आशंकाओं को सुना.

सीईओ का भरोसा- EVM से छेड़छाड़ नामुमकिन

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं है. पूरा क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों की जद में है और केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में सभी ईवीएम सुरक्षित रखी गयी है. उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है. उन्होंने पुरुलिया में भी स्ट्रांग रूम का दौरा किया.

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West Bengal CEO Manoj Agrawal Purulia Visit: राजनीतिक दलों में हलचल

स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक दलों ने कई सवाल उठाये थे. सीईओ के इस सरप्राइज विजिट को जनता और पार्टियों के बीच विश्वास बहाली के कदम के तौर पर देखा जा रहा है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए पूरी तैयारी मुकम्मल है. सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य है.

हर बूथ पर तैनात हैं टीएमसी के कार्यकर्ता

दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के दावों पर भरोसा करने की बजाय खुद मोर्चा संभाल लिया है. बेलियाघाट सीट से उम्मीदवार और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने बताया कि ममता बनर्जी के आदेश पर टीएमसी के उम्मीदवार और कार्यकर्ता उन सभी केंद्रों के बाहर डेरा डाले हुए हैं, जहां ईवीएम रखी गयी हैं. किसी भी संदिग्ध हलचल को नजरअंदाज नहीं करेंगे. पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे मतगणना के दिन तक शिफ्ट में केंद्रों की निगरानी करें.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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