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Home पश्चिम-बंगाल कोलकाता बंगाल में महिलाओं की मौज! अन्नपूर्णा योजना से मिल रहे 3000 रुपए, जानें कब मिलेगी अगली किस्त

बंगाल में महिलाओं की मौज! अन्नपूर्णा योजना से मिल रहे 3000 रुपए, जानें कब मिलेगी अगली किस्त

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बंगाल में महिलाओं की मौज! अन्नपूर्णा योजना से मिल रहे 3000 रुपए, जानें कब मिलेगी अगली किस्त
शुभेंदु अधिकारी.

West Bengal Annapurna Yojana Rs 3000: पश्चिम बंगाल की राजनीति और सरकारी नीतियों में सत्ता परिवर्तन के बाद आया बड़ा बदलाव जमीन पर दिखने लगा है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के नेतृत्व वाली ‘डबल-इंजन’ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. ममता बनर्जी सरकार की लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ की जगह शुरू की गयी ‘अन्नपूर्णा योजना’ (अन्नपूर्णा भंडार योजना) का लाभ 29 लाख से अधिक महिलाओं को मिलने लगा है. प्रत्येक योग्य महिला के बैंक खाते में सीधे 3,000 रुपए प्रति माह भेजे जा रहे हैं.

1 जुलाई को 1.05 लाख महिलाओं को मिलेगा तोहफा

3 जून को योजना की औपचारिक शुरुआत के साथ ही राज्य की 28 लाख से अधिक (28,25,769) सत्यापित महिलाओं के खातों में 3,000-3,000 रुपए ट्रांसफर कर दिये गये थे. कुछ ही दिनों में 1.05 लाख और महिलाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया. इनका डाटा फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद सोशल रजिस्ट्री पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया. इनके खाते में जून महीने के 3,000 रुपए 1 जुलाई को ट्रांसफर कर दिये जायेंगे. इसके साथ ही लाभुकों की कुल संख्या 29.3 लाख से ऊपर हो जायेगी.

लक्ष्मी भंडार की कमियां दूर करने के लिए कड़ा वेरिफिकेशन

ममता बनर्जी सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ के तहत महिलाओं को 1,500 रुपए मिलते थे. उसमें करीब 2.2 करोड़ लाभार्थी थे. शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने इस राशि को सीधे दोगुना करके 3,000 रुपए तो कर दिया, लेकिन फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 11 से 12 पन्नों का एक विस्तृत आवेदन फॉर्म और कड़े नियम लागू कर दिये.

इसे भी पढ़ें : अन्नपूर्णा भंडार योजना के नये नियमों का खुलासा, क्या एक ही परिवार की 2 महिलाओं को मिलेंगे 3-3 हजार रुपए?

वोटर लिस्ट से हटे नाम लाभुकों की सूची से बाहर

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हमेशा के लिए डिलीट हो चुके हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय कई पुरुषों और गैर-भारतीयों (अवैध प्रवासियों) को भी गलत तरीके से इसका लाभ मिल रहा था, जिसे अब पूरी तरह रोक दिया गया है.

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West Bengal Annapurna Yojana Rs 3000: शरणार्थियों को शुभेंदु अधिकारी सरकार ने दी बड़ी राहत

सरकार ने साफ किया कि बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भागकर आये हिंदू शरणार्थी और जिन्होंने सीएए (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है, वे इस योजना से बाहर नहीं होंगे. उनके मामलों को सहानुभूतिपूर्वक मंजूरी दी जा रही है.

अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत हर महीने कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?

इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला लाभार्थी को हर महीने 3,000 रुपए (यानी सालाना 36,000 रुपए) की आर्थिक सहायता सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाती है.

क्या ‘लक्ष्मी भंडार’ का लाभ ले रही महिलाओं को दोबारा आवेदन करना होगा?

हां, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार योजना के नये कड़े सुरक्षा और नागरिकता मानकों के तहत नये सिरे से पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य है. लक्ष्मी भंडार के पुराने डेटा का पूरी तरह से पुन: सत्यापन (Re-verification) किया जा रहा है.

अन्नपूर्णा योजना का लाभ लेने के लिए आयु सीमा और पात्रता क्या है?

आवेदन करने वाली महिला की आयु 25 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वह अनिवार्य रूप से पश्चिम बंगाल की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसका नाम राज्य की वैध मतदाता सूची (Voter List) में होना चाहिए.

आवेदन करने के लिए कौन-कौन से मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

आवेदन के लिए 12 पन्नों के विस्तृत फॉर्म के साथ मुख्य रूप से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड (मतदाता पहचान पत्र), बैंक पासबुक/स्टेटमेंट की प्रति, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है.

यदि आवेदन में कोई समस्या हो या शिकायत दर्ज करानी हो, तो क्या कोई हेल्पलाइन है?

हां, शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने जनता की सहूलियत के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 82820-82820 जारी किया है, जो सोमवार से शनिवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चालू रहता है. इसके अलावा, asap@wb.gov.in पर ई-मेल से भी शिकायतें और सुझाव भेजे जा सकते हैं.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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