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Home Rajya पश्चिम-बंगाल Bengali : बंगाल में बंगाली पर संग्राम, टीएमसी ने कहा– मोदी ले रहे हैं झूठ का सहारा

Bengali : बंगाल में बंगाली पर संग्राम, टीएमसी ने कहा– मोदी ले रहे हैं झूठ का सहारा

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Bengali : बंगाल में बंगाली पर संग्राम, टीएमसी ने कहा– मोदी ले रहे हैं झूठ का सहारा
PM Modi Rally in Bengal

Bengali : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में शुक्रवार को एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों को “झूठ का पुलिंदा” तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बताया . पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला किया. टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी मजदूरों को लगातार परेशान किया जा रहा है. पार्टी के वरिष्ठ मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इन नेताओं ने कहा कि केंद्र की “बंगाल विरोधी” बीजेपी सरकार ने राजनीतिक कारणों से मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाले 1.7 लाख करोड़ रुपये रोक रखे हैं.

रोहिंग्या और बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है बंगालियों को : टीएमसी

भट्टाचार्य ने कहा, “उन्होंने बंगाल को उसके वाजिब हक से सिर्फ इसलिए वंचित कर दिया क्योंकि इस राज्य के लोगों ने तृणमूल को वोट देकर सत्ता में लाया था. और अब मोदी 5,000 करोड़ रुपये के अदृश्य अनुदान की बात कर रहे हैं जो कभी पूरा नहीं होगा.” घोष ने कहा, “बंगालियों (जो भारतीय नागरिक हैं) को अभी भी बीजेपी शासित राज्यों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है. जबकि उनकी सरकारें हमारे प्रवासी मजदूरों को परेशान करती हैं और हिरासत में लेती हैं. मोदी अब बंगाली ‘अस्मिता’ के बारे में केवल इसलिए बात करते हैं क्योंकि उन्हें औसत बंगाली द्वारा महसूस की जाने वाली गहरी चोट और पीड़ा का एहसास है.”

मोदी झूठ का सहारा ले रहे हैं : कुणाल घोष

कुणाल घोष ने कहा कि मोदी झूठ का सहारा ले रहे हैं क्योंकि उन्हें आम बंगाली का समर्थन खोने का डर है. उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषी नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के कई उदाहरणों का भी हवाला दिया. दुर्गापुर में रैली के दौरान मोदी ने कहा कि बीजेपी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो वास्तव में बंगाली गौरव का सम्मान करती है और उसकी रक्षा करती है. उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर घुसपैठ को बढ़ावा देने, हिंसा भड़काने और बंगाल के युवाओं को उनके गृह राज्य से बाहर निकालने का आरोप लगाया.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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