राम मंदिर दान चोरी मामला: SIT जांच की समय-सीमा बढ़ी, 15 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही SIT को योगी सरकार ने अतिरिक्त समय दिया है. अब टीम 15 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी और सभी पहलुओं की जांच करेगी.

By Radheshyam Kushwaha | July 1, 2026 6:32 PM

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच अवधि बढ़ाते हुए उसे 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. SIT ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी. सरकार का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाएगी तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इस फैसले के बाद अब मामले की जांच और अधिक व्यापक स्तर पर आगे बढ़ेगी.

एसआईटी के अनुरोध पर बढ़ाई गई समयसीमा

राम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही SIT ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था. जांच टीम का मानना था कि मामले के कई पहलुओं की अभी विस्तृत पड़ताल बाकी है, इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच की समयसीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी. अब SIT को 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच में किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए और सभी संबंधित पक्षों की भूमिका का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाए.

निष्पक्ष जांच पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा है कि SIT हर पहलू की गहन जांच करते हुए सच सामने लाएगी. सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार शुरू से ही इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

एफआईआर के बाद सभी नामजद आरोपी गिरफ्तार

SIT की प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली FIR दर्ज की गई थी. यह शिकायत ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की ओर से दी गई थी. FIR में आठ नामजद आरोपियों समेत कुछ अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ, वित्तीय लेन-देन की पड़ताल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं.
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