आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर अब AI रखेगी नजर, हादसों पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल
Agra Lucknow Expressway News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है. नाइट विजन कैमरे, एआई आधारित मॉनिटरिंग और इमरजेंसी कॉल बॉक्स से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी.
Agra Lucknow Expressway News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर अब पहले से अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित होने जा रहा है. यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) कंट्रोल रूम तैयार कर लिया गया है. इसके संचालन के बाद एक्सप्रेसवे के 0 से 100 किलोमीटर तक वाहनों की हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी. किसी भी प्रकार की दुर्घटना, ओवरस्पीड, ब्रेकडाउन या अन्य आपात स्थिति की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे राहत एवं बचाव दल बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच सकेगा. कंट्रोल रूम में 9 मीटर लंबी और 2 मीटर चौड़ी अत्याधुनिक एलईडी वीडियो वॉल लगाई गई है. इसके माध्यम से एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी. वहीं, वैरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) के जरिए वाहन चालकों को मौसम, सड़क पर जाम, दुर्घटना, डायवर्जन और अन्य जरूरी सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे समय रहते सतर्क होकर सुरक्षित यात्रा कर सकें.
रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों पर भी रहेगी नजर
एक्सप्रेसवे पर होने वाले गंभीर हादसों को रोकने के लिए व्हीकल इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है. यह प्रणाली रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों की तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगी, इसके बाद संबंधित टीम तत्काल कार्रवाई कर दुर्घटना की आशंका को कम करेगी.
हर किलोमीटर पर कैमरे, हर दो किलोमीटर पर सहायता की सुविधा
निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर हाई क्वालिटी नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. कैमरे लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल नेटवर्क कनेक्टिविटी का काम शेष है. पहले ये कैमरे हर पांच किलोमीटर पर लगे थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत निगरानी का दायरा पांच गुना बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा प्रत्येक दो किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं. किसी भी आपात स्थिति में यात्री इन कॉल बॉक्स के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे.
दुर्घटनाओं पर होगी त्वरित कार्रवाई
यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से सभी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं. एटीएमएस, सीसीटीवी नेटवर्क, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और अन्य सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय होने के बाद दुर्घटनाओं की सूचना तत्काल मिलेगी, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आएगी. इससे एक्सप्रेसवे पर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनेगी.
प्रमुख बातें
- 100 किलोमीटर तक वाहनों की रियल टाइम निगरानी
- हर एक किलोमीटर पर नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे
- हर दो किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स
- रॉन्ग साइड वाहनों की तुरंत होगी पहचान
- ओवरस्पीड, दुर्घटना और ब्रेकडाउन की मिलेगी तत्काल सूचना
- कंट्रोल रूम में 9×2 मीटर की हाईटेक एलईडी वीडियो वॉल
- मौसम, जाम और डायवर्जन की जानकारी मिलेगी डिजिटल डिस्प्ले पर
तिलक कुमार की रिपोर्ट
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